Home Crime यौन उत्पीड़न के फास्ट ट्रैक निपटारे में महाराष्ट्र अव्वल

यौन उत्पीड़न के फास्ट ट्रैक निपटारे में महाराष्ट्र अव्वल

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मुंबई: कोलकाता में डॉक्टर से दरिंदगी की घटना के बाद दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के केसों के फास्ट ट्रैक ट्रायल की मांग फिर जोर पकड़ रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में भी इन अदालतों की स्थापना की जरूरत बताई थी लेकिन विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट की जो परफारमेंस रिपोर्ट सामने आयी है उसमें यह तो साबित होता है कि ये अदालतें दुष्कर्म और पोक्सो केसों के त्वरित निपटारे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं लेकिन पश्चिम बंगाल उसमें फिसड्डी है।
पश्चिम बंगाल में 123 में से सिर्फ तीन काम कर रही फास्ट ट्रैक कोर्ट
आंकड़े बताते हैं कि पिछले वर्ष इन अदालतों ने 94 प्रतिशत मामले निपटाए, जिसमें महाराष्ट्र और पंजाब का प्रदर्शन बहुत अच्छा 80 और 71 प्रतिशत रहा जबकि पश्चिम बंगाल का सबसे खराब दो प्रतिशत था। इसका कारण भी स्पष्ट है ज्यादातर राज्यों ने उन्हें आवंटित सभी या अधिकतर विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें गठित कर दी हैं और संचालित हो रही हैं जबकि पश्चिम बंगाल में 123 में से सिर्फ तीन काम कर रही हैं।