Home Maharashtra उद्धव ठाकरे शिवसेना के मजबूत गढ़ माने जाने वाले कोंकण से मिशन-महाराष्ट्र...

उद्धव ठाकरे शिवसेना के मजबूत गढ़ माने जाने वाले कोंकण से मिशन-महाराष्ट्र का बिगुल फूकेंगे

15
0

मुंबई. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का नामांकन खत्म होने के साथ ही सियासी चढ़ना शुरू हो गया है. दिवाली का त्योहार बीतने के साथ ही चुनाव प्रचार को सियासी धार देने का प्लान राजनीतिक दलों ने बना लिया है. बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन (महायुति) को उसके ही मजबूत गढ़ में मुंहतोड़ जवाब देने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन (महाविकास आघाड़ी) ने रणनीति बनाई है. इसके तहत ही राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्किकार्जुन खरगे नागपुर से महाराष्ट्र चुनाव प्रचार का आगाज करेंगे तो उद्धव ठाकरे शिवसेना के मजबूत गढ़ माने जाने वाले कोंकण से मिशन-महाराष्ट्र का बिगुल फूकेंगे.
लोकसभा चुनाव के पैटर्न पर ही राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे 6 नवंबर को नागपुर से महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव प्रचार का शंखनाद करेंगे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय नागपुर स्थिति है. इस तरह आरएसएस के गढ़ से राहुल गांधी चुनावी हुंकार भर कर सियासी संदेश देने की स्टैटेजी बनाई है. नागपुर में संविधान सम्मान सम्मेलन के बाद राहुल गांधी मुंबई में होने वाले महा विकास अघाड़ी के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. एनसीपी (एस) के शरद पवार और शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ राहुल गांधी और खरगे मंच शेयर कर एकजुटता संदेश देंगे.
नागपुर में संविधान सम्मेलन से साधे समीकरण

राहुल गांधी नागपुर में संविधान सम्मान सम्मेलन में शिरकत महाराष्ट्र चुनाव का बिगुल फूकेंगे. राहुल गांधी और खरगे इस दौरान इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ समर्थकों को संबोधित करते हुए सियासी एजेंडा सेट करने की रणनीति अपनाई है. लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी पर संविधान बदलने तथा आरक्षण खत्म करने की तैयारी का नैरेटिव सेट किया था. इसका खामियाजा एनडीए को महाराष्ट्र में भुगतना भी पड़ा था और अब उसे फिर से धारने की स्ट्रैटेजी अपनाई है. इसके पीछे कांग्रेस की सियासी रणनीति छिपी हुई है, क्योंकि नागपुर में संघ का एक तरफ मुख्यालय है तो दूसरी तरफ भीमराव अंबेडकर के सामाजिक न्याय का केंद्र रहा है. इस तरह राहुल गांधी नागपुर से चुनावी अभियान को धार देकर सियासी एजेंडा सेट करने का दांव चला है.