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हर पार्टी का मैनिफेस्टो में रोजगार से लेकर किसानों की कर्ज माफी और महिला सुरक्षा; हर वर्ग को खुश करने की कोशिश

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मुंबई : महाराष्ट्र में जहां चुनावी पारी अपने उफान पर है। वहीं युवाओं को लुभाने के लिए महायुति और महा विकास अघाड़ी में शामिल पार्टियां, रोजगार और नौकरियां अब सभी का प्रमुख एजेंडा है। जी हां, महाराष्ट्र में हो रहे विधानसभा चुनावों में महायुति के अग्रणी दल BJP ने बड़े पैमाने पर रोजगार के संकल्प लिए हैं। यहां BJP और उसके सहयोगी दल इस वादे को अपना संकल्प बता रहे तो महा विकास अघाड़ी की कांग्रेस और सहयोगी पार्टियां भी इसे ‘गारंटी’ कह रही हैं।
अब तक महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए महायुति और महा विकास अघाड़ी इन दोनों ने ही अपने घोषणापत्र जारी कर दिए हैं। इन दोनों के घोषणापत्र को देखें तो दूसरे आकर्षक और अनेक लोकलुभावन वादों के अलावा रोजगारी और नौकरी पर खास पर भी फोकस कर रखा है।
जहां BJP के नेतृत्व वाले महायुति ने 25 लाख नौकरियों के अवसर बनाने का संकल्प लिया है। वहीं इसके अलावा शिवाजी महाराज आकांक्षा केंद्र भी बनेंगे। इसमें आने वाले 5 सालों में 10 लाख नए उद्यमी तैयार करने की बात है। इसके साथ ही BJP ने 10 लाख छात्रों को हर महीने 10 हजार रुपए ट्यूशन फी देने का भी बड़ा वादा किया है।
वहीं दूसरी ओर महा विकास अघाड़ी ने भी इक कदम आगे बढ़ते हुए सरकारी नौकरियों में ढाई लाख रिक्त पद भरने की भी गारंटी दी है। हालांकि कांट्रैक्ट पर नियुक्तियों की परंपरा अब महा विकास अघाड़ी बंद करने की बात कह रहा है। अब यह सारी ही नियुक्तियां महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के जरिए होंगी। इसके साथ ही बेरोजगारों को हर महीने चार हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की गारंटी भी महा विकास अघाड़ी ने अपने घोषणापत्र में कर रखी हैं।
हां यह जरुर है कि, महाराष्ट्र में महायुति और महाविकास आघाडी ने विधानसभा चुनाव-2024 के लिए मैनिफेस्टो तो जारी कर दिए हैं। इस बार भी फिर से अगले 5 सालों के लिए वादे किए गए हैं। ऐसे में, थोड़ा पिछे चलकर, बीते 2019 चुनावों के घोषणापत्र देखें तों नौकरी के उन बड़े- बड़े वादों की कुछ और ही हकीकत सामने आती है।
बीते 2019 में शिवसेना एक थी, NCP भी एक थी। कांग्रेस और एनसीपी का तब गठबंधन था, तो शिवसेना और बीजेपी का गठजोड़ था। देखा जाए, तो सभी पार्टियों ने राज्य की सत्ता में ढाई-ढाई साल राज किया। लेकिन कितने ही वादे पुरे हुए।