मुंबई: भारत और पाकिस्तान में तनाव के चलते देश को कई साइबर हमलों का सामना करना पड़ा है। महाराष्ट्र साइबर सेल अधिकारी के मुताबिक 10 लाख से भी ज्यादा साइबर हमले किए गए है। महाराष्ट्र साइबर ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत भर में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की वेबसाइटों को निशाना बनाकर 15 लाख से अधिक साइबर हमले करने के लिए जिम्मेदार सात उन्नत स्थायी खतरा (एपीटी) समूहों की पहचान की है। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से हैकर केवल 150 हमलों में ही सफल रहे।
अधिकारियों ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच एक-दूसरे के खिलाफ सीजफायर पर बनी सहमति के बाद भी भारत सरकार की वेबसाइट को पड़ोसी देश के साथ-साथ बांग्लादेश और पश्चिम एशियाई देशों से साइबर हमलों का सामना करना पड़ रहा है। महाराष्ट्र साइबर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पत्रकारों के साथ बातचीत में उन दावों को खारिज किया कि हैकर ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आंकड़ों की चोरी की है, विमानन और नगर निगम प्रणालियों को हैक किया है और निर्वाचन आयोग की वेबसाइट को निशाना बनाया है।
इन देशों से हुए साइबर हमले
अधिकारी ने कहा जांच में पाया गया कि भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई समाप्त होने के बाद भारत की सरकारी वेबसाइट पर साइबर हमले कम हुए, लेकिन पूरी तरह से बंद नहीं हुए। ये हमले पाकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मोरक्को और पश्चिम एशियाई देशों से जारी हैं। आतंकवादियों के खिलाफ भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा इसी नाम से शुरू किए गए सैन्य अभियान के तहत तैयार की गई ‘रोड ऑफ सिंदूर’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में राज्य की नोडल साइबर एजेंसी ने पाकिस्तान-संबद्ध हैकिंग समूहों द्वारा शुरू किए गए साइबर युद्ध का विस्तृत विवरण दिया है।





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