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करोड़ों से बनी आकर्षक मूर्तियां, फव्वारे और लाइटिंग की उपेक्षा; एक साल में ही खराब हुई

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वसई : वसई-विरार शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए महापालिका द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करके बनाए गए और सजाए गए चौक एक साल के भीतर ही जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गए हैं। आकर्षक मूर्तियां, फव्वारे और लाइटिंग की उपेक्षा के कारण इन चौराहों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे नागरिकों में भारी नाराजगी है।
खराब रखरखाव और लापरवाही
महापालिका ने शहर के प्रमुख चौराहों पर विभिन्न समुदायों की पहचान दर्शाने वाली सुंदर मूर्तियां और फव्वारे स्थापित किए थे। हालांकि, इनके रखरखाव में घोर लापरवाही बरती गई है। वसई पूर्व के रेंज ऑफिस चौक और वसई पश्चिम के अग्रवाल मोहल्ले में लगे फव्वारे बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। फव्वारे का पानी मटमैला हो गया है, जिससे मच्छरों का खतरा बढ़ गया है। आसपास की लाइट्स भी काम नहीं कर रही हैं, जिससे रात में ये चौक और भी बदहाल दिखते हैं। आगरी-कोली बंधुओं पर आधारित मूर्तियां, जो बाभोला नाका और पापड़ी में लगी थीं, भी टूट गई हैं। विरार मुख्यालय की ओर जाने वाला टावर भी गिर गया है।
अनाधिकृत विज्ञापनों का बढ़ता बोलबाला
सौंदर्याकरण की उपेक्षा के साथ-साथ, इन चौराहों पर अनाधिकृत होर्डिंगों और राजनीतिक शुभकामनाओं के पर्चे और पोस्टरों की संख्या भी बढ़ रही है, जिससे इनकी सुंदरता और भी खराब हो गई है। नागरिकों की मांग है कि ऐसे अवैध विज्ञापनों पर तुरंत रोक लगाया जाए। जब इस मामले में शहर अभियंता प्रदीप पाचंगे से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि महापालिका जल्द ही इस पर ध्यान देगी। उन्होंने कहा, “वसई और विरार शहर के सभी चौराहों का निरीक्षण किया जाएगा। रखरखाव और मरम्मत के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं, और जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। “नागरिकों ने इस बात पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी इन चौराहों का रखरखाव नहीं किया जा रहा है। उनकी माँग है कि महापालिका तुरंत कार्रवाई करे और इन सुंदर चौराहों को उनके पुराने स्वरूप में वापस लाए।