Home Crime कृत्रिम तालाब और कंटेनर बने डेंगू-मलेरिया का नया अड्डा

कृत्रिम तालाब और कंटेनर बने डेंगू-मलेरिया का नया अड्डा

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ठाणे : ठाणे में डेंगू और मलेरिया के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं महापालिका द्वारा पर्यावरणपूरक गणेशोत्सव के नाम पर बनाए गए कृत्रिम तालाब और लोहे के कंटेनर अब डेंगू-मलेरिया फैलाने का नया खतरा बनते दिख रहे हैं। मूर्तियों के विसर्जन के बाद इन तालाबों और कंटेनरों में जमा गंदा पानी डेंगू व मलेरिया के मच्छरों की पैदावार को बढ़ावा दे रहा है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। विसर्जन के दौरान कई तालाब खाली पड़े रहे, जबकि कुछ जगहों पर मूर्ति विसर्जन के बाद दूषित पानी दिनों तक जस का तस पड़ा हुआ है। कई कंटेनरों में तो मच्छरों की लार्वा बनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पहले से ही डेंगू और मलेरिया से सैकड़ों लोग पीड़ित हैं और अब महापालिका के इस तथाकथित ‘पर्यावरणपूरक प्रयोग’ से महामारी फैलने की आशंका गहराती जा रही है। नागरिकों का कहना है कि करदाताओं के पैसों से बनाई गई यह सुविधा पर्यावरण बचाने के बजाय बीमारियां फैलाने का कारण बन रही है। विसर्जन के बाद तालाब और कंटेनर तुरंत खाली कर उनका उचित निस्तारण और सैनिटाइजेशन होना चाहिए था, लेकिन महापालिका ने इसे नजरअंदाज कर दिया। नतीजतन ये तालाब और कंटेनर दिनों तक गंदे पानी से भरे पड़े हैं। पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत सिनकर ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तुरंत कदम नहीं उठाए तो यह प्रयोग ठाणेकरों के लिए घातक साबित होगा।