मुंबई : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लोकल यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है. दिसंबर तक पहली नॉन-एसी लोकल ट्रेन ऑटोमेटिक दरवाजों के साथ पटरी पर दौड़ने लगेगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घणसोली में बुलेट ट्रेन से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी. हर साल लोकल ट्रेन में यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं में सैकड़ों यात्रियों की मौत हो जाती है. ऐसे में स्वचालित दरवाजों की शुरुआत सुरक्षा के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है. रेल मंत्री ने बताया कि भविष्य में मुंबई की सभी लोकल ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से ऑटोमेटिक दरवाजों से लैस किया जाएगा. हाल ही में मुंब्रा में हुई दुर्घटना के बाद इस प्रोजेक्ट को और गति दी गई है.
रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा ट्रेनों में रेट्रोफिटिंग तकनीक के जरिए स्वचालित दरवाजे लगाए जाएंगे. वहीं, नई नॉन-एसी ट्रेनों में दरवाजों का डिज़ाइन शुरुआत से ही बंद प्रणाली पर आधारित होगा. एसी लोकल ट्रेनों में भी आने वाले समय में यही सुविधा जोड़ी जाएगी. भीड़भाड़ के समय एक लोकल ट्रेन में करीब 4,000 यात्री सफर करते हैं, जबकि उसकी क्षमता ढाई से तीन हजार के बीच होती है. ऐसे में ऑटोमेटिक बंद होने वाले दरवाजे यात्रियों को सुरक्षित रखने और हादसों से बचाने में मदद करेंगे.
डिब्बों की संख्या में इजाफा
वर्तमान में मुंबई की अधिकांश लोकल ट्रेनें 12 डिब्बों वाली हैं, जबकि कुछ ट्रेनें 15 डिब्बों के साथ चल रही हैं. रेलवे ने अब नई निविदा में 17 डिब्बों वाली ट्रेनों को शामिल किया है और भविष्य में 18 डिब्बों वाली ट्रेनों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा. अधिकारियों का मानना है कि इससे भीड़ के दबाव में कमी आएगी.
यात्रियों को मेट्रो जैसी सुविधा देने के लिए मुंबई रेलवे विकास निगम ने हाल ही में 2,856 वंदे मेट्रो कोच खरीदने के लिए ई-निविदा जारी की है. इन कोचों की देखभाल दीर्घकालीन अनुबंध के तहत की जाएगी. नए कोचों में स्वचालित बंद दरवाजे, बेहतर वेंटिलेशन, आरामदायक सीटिंग और आधुनिक सुरक्षा तकनीक जैसी विशेषताएं होंगी. इससे लोकल यात्रा पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक हो जाएगी.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट कहा, ‘हमारा प्राथमिक उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा है. इसलिए भविष्य में मुंबई की सभी लोकल ट्रेनों में स्वचालित दरवाजे होंगे. ये बदलाव यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करेंगे.’ रेलवे का यह कदम मुंबई लोकल की दशकों पुरानी छवि को बदलने वाला साबित हो सकता है. जहां एक ओर दुर्घटनाओं में कमी आएगी, वहीं भीड़ प्रबंधन और यात्रा अनुभव भी बेहतर होगा.





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