नवी मुंबई : कोरोना महामारी को देखते हुए लॉकडाउन किया गया है। इस दौरान बंद स्कूलों के प्रबंधनों ने ऑनलाइन पढ़ाई का फंडा तैयार कर लिया है, जिसके तहत शिक्षकों से घर बैठे ऑनलाइन शिक्षा कार्य कराया जा रहा है। निजी स्कूलों द्वारा कराई जा रही ऑनलाइन पढ़ाई अभिभावकों, बच्चों और शिक्षकों सभी के लिए मुसीबत बन गई है। इस में सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों के स्वास्थ्य पर देखने को मिला है। इसके कारण ऑनलाइन पढ़ाई का समय कम करने की मांग अभिभावकों ने की है।
नवी मुंबई के कुछ अभिभावकों ने मनपा आयुक्त और शिक्षण अधिकारी से मांग की है कि ऑनलाइन पढ़ाई होने के कारण बच्चों को लगभग 5 घंटे लगातार मोबाइल से चिपका रहना पढ़ता है। बच्चे सारा दिन ऑनलाइन पढ़ाई करने के बाद भी विषय को नहीं समझ पा रहे। तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली साक्षी की मां ज्योति दुबे कहती हैं कि ऑनलाइन पढ़ाई के कारण बच्चे सारे दिन व्यस्त रहते हैं, लेकिन उन्हें कुछ समझ नहीं आता। इसके विपरीत उनकी आंखें लगातार मोबाइल के नजदीक होने के कारण तकलीफ होने का डर सताने लगा है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई तो किताब, कॉपी से ही हो सकती है। ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों को कोई फायदा नहीं मिल रहा, बल्कि बच्चों में मोबाइल और लैपटॉप देखने की आदत पड़ने के साथ ही स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रहा है।





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