मुंबई : देश की इकोनॉमिक कैपिटल है. इस नाते यहां देश के विभिन्न हिस्सों के लोग आकर रहते हैं. विदेश के लोग भी कारोबार के सिलसिले में यहां आते हैं और रहते हैं. भारतीय मनोरंजन का केंद्र होने के चलते भी इस शहर का अपना ही महत्व है. देश के साथ दुनियाभर की फिल्मी और कला क्षेत्र से जुड़ी हस्तियों का यहां आना-जाना लगा रहता है. मुंबई इंडस्ट्रियल हब भी है, जिस वजह से यह महानगर नहीं कॉस्मोपोलिटन सिटी में तब्दील हो चुका है. इन सबके कारण इस शहर में रोजगार के असीम अवसर भी हैं, ऐसे में यहां की आबादी भी ज्यादा और सघन है. लाखों लोग रोजगार के सिलसिले में रोज एक जगह से दूसरी जगह आते-जाते रहते हैं. लिहाजा पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को अपग्रेड करने के साथ ही उसका विस्तार करना काफी जरूरी है. इन सबको देखते हुए मुंबई मेट्रो को यहां भी लॉन्च किया गया था. मेट्रो रेल का लगातार विस्तार भी किया जा रहा है. महानगर के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मेट्रो से सीधे कनेक्ट करने की योजना तैयार की गई है. इसपर प्रोजेक्ट पर तकरीबन ₹23000 करोड़ खर्च होने का शुरुआती अनुमान है. इसका खाका तैयार किया जा चुका है.
जानकारी के अनुसार, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के 25 दिसंबर से ऑपरेशनल होने की तैयारी के साथ ही राज्य सरकार ने महानगर के दोनों एयरपोर्ट को जोड़ने वाली हाई-स्पीड मेट्रो लाइन के प्लान को मंजूरी दे दी है. यह वह कड़ी है जिसकी कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी, क्योंकि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के पास फिलहाल कोई मास ट्रांजिट कनेक्टिविटी नहीं है. सरकार ने अब एक तेज एयरपोर्ट-टू-एयरपोर्ट मेट्रो सिस्टम का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है, जो मुंबई और नवी मुंबई को 30 मिनट के भीतर जोड़ देगा. अभी इस रूट पर ट्रैवल टाइम 75 से 120 मिनट है. प्रस्तावित मेट्रो लाइन 8 या ‘गोल्ड लाइन’ सीधे छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से जोड़ेगी.
ट्रैवल टाइम में कितनी कमी आने का अनुमान?
मौजूदा स्थिति पर बात करें तो छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तक जाने में 75 से 120 मिनट का समय लगता है. ट्रैफिक जाम की स्थिति में समय और भी बढ़ सकता है. मेट्रो सर्विस शुरू होने के बाद यह दूरी महज 30 मिनट में तय की जा सकेगी. इस तरह लोगों का कीमती वक्त बचेगा. साथ ही जाम का झाम भी नहीं झेलना पड़ेगा. गोल्ड लाइन पर कुल 20 स्टेशन होंगे. इनमें 6 अंडरग्राउंड और 14 एलीवेटेड होंगे. इस लाइन पर 2031 तक रोज 10.3 लाख यात्रियों के सफर करने का अनुमान है.





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