Home Maharashtra कोलाबा, मरीन लाइंस, नरीमन पॉइंट, मुंबई में बढ़ रहे हीट स्ट्रेस हॉटस्पॉट,...

कोलाबा, मरीन लाइंस, नरीमन पॉइंट, मुंबई में बढ़ रहे हीट स्ट्रेस हॉटस्पॉट, मौसम की यह स्टडी चौंका देगी

5
0

मुंबई : महानगर में दिन तो दिन, रात में गर्मी हावी का होना महसूस किया जा सकता है। हाल ही में अध्ययनकर्ताओं के शोध में भी यह बात सामने आई है। वैज्ञानिक अध्ययनों में लोगों को आगाह किया गया कि मुंबई के कई इलाके ‘हीट स्ट्रेस हॉटस्पॉट’ में बदलते जा रहे है, जहां दिन के साथ रात में भी गर्मी कम नहीं होती। जर्नल साइंटिफ रिपोर्टर्स में प्रकाशित एक अध्ययन में अप्रैल, 2024 की हीटवेव का विश्लेषण किया गया।
सैटेलाइट डेटा और शहरी जलवायु मॉडलिंग के आधार पर शोधकर्ताओं ने बीएमसी के विभिन्न वॉर्डों में गर्मी के जोखिम का आकलन किया। इसमें साउथ मुंबई के फोर्ट, कोलाबा, मरीन लाइंस और नरीमन पॉइंट, सेंट्रल मुंबई के लोअर परेल, दादर और वर्ली, पूर्वी उपनगर के चेंबूर, गोवंडी, मानखुर्द और पश्चिम उपनगर के अंधेरी, गोरेगांव, कांदिवली जैसे इलाके प्रमुख हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किए गए।
मुंबई के मौसम पर रिसर्च
शोध के अनुसार घनी इमारतें, कंक्रीट सतहें और कम हरित क्षेत्र इन इलाकों में गर्मी को बढ़ा रहे है। विशेषज्ञों ने कहा कि पारंपरिक हीटवेव अलर्ट पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जोखिम और संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर चेतावनी प्रणाली विकसित करनी होगी। दूसरे अध्ययन जर्नल ऑफ अर्बन मैनेजमेंट में सामने आया कि मुंबई में ‘नाइटटाइम हीट’ तेजी से बढ़ रही है।
कंक्रीट और डामर सड़कें बनीं मुसीबत
कंक्रीट, डामर सड़कें और ऊंची इमारतें दिन की गर्मी को सोखकर रात में धीरे-धीरे छोड़ती है, जिससे तापमान बना रहता है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसी गर्म रातें शरीर को राहत नहीं देतीं, जिससे डिहाइड्रेशन, हीट एग्जोशन और दिल संबंधी जोखिम बढ़ते हैं। तेजी से शहरीकरण, घटती हरियाली और कंक्रीटीकरण इस समस्या को और गंभीर बना रहे है। विशेषज्ञों ने समाधान के तौर पर शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने और बेहतर शहरी योजना परजोर देने की जरूरत है।
मुंबई के कई इलाकों में 100 के पार एक्यूआई
मुंबई के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता असंतोषजनक स्तर पर रही। वायु प्रदूषण की मॉनिटरिंग करने वाले केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ‘समीर’ ऐप के आंकड़ों के मुताबिक मुंबई की औसत वायु गुणवत्ता 93 एक्यूआई थी। लेकिन वर्ली में 131, गोवंडी में 126, कोलाबा में 125, घाटकोपर में 122, बीकेसी में 107 और अंधेरी में 113 एक्यूआई दर्ज किया गया।