मुंबई : केंद्रीय जांच एजेंसी नार्कोटिक कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और मुंबई पुलिस की ड्रग्स के खिलाफ छेड़े गए अभियान से शहर में कोकेन की सप्लाई चेन को तोड़ने में कामयाबी मिली है। अब विदेशी ड्रग्स तस्करों ने एमडी (मेफेड्रेन) ड्रग्स की सप्लाई करना शुरू कर दिया है। क्राइम ब्रांच ने दो विदेशी समेत चार ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 1 करोड़ 40 लाख रुपए की एमडी ड्रग्स जब्त की गयी है। पुलिस की विदेशी आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उनके लिए दक्षिड अफ्रीका से कोकेन मुंबई में लाना मुस्किल हो गया है और हाई प्रोफाइल ग्राहकों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, तो उन्होंने कोकेन से सस्ता और आसानी से मिलने वाले एमडी ड्रग्स की सप्लाई करना शुरू कर दिया है।
पुलिस उपायुक्त अकबर पठान ने बताया कि क्राइम ब्रांच यूनिट-11 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक सुनिल माने और पुलिस निरीक्षक सलील भोसले की टीम ने कांदिवली (प.) के इलाके में विदेशी नागरिकों के ड्रग्स सप्लाई करने के लिए आने की सूचना मिली। संयुक्त पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे और पुलिस उपायुक्त अकबर पठान के मार्गदर्शन में प्रभारी पुलिस निरीक्षक सुनिल माने की टीम ने ट्रैप लगाकर कांदिवली (प.) खजुरीया नगर में ऑटो रिक्शा और एक्टिवा बाइक से दो विदेशी समेत चार संदिग्धों को पकड़ा। विदेशी नागरिक पुलिस की चकमा देकर भागने की कोशिश की। क्राइम ब्रांच ने मुस्तैदी से आरोपी दोनों दक्षिण अफ्रीकी (आयवरी कोस्टा) नागरिकों को धर दबोचा।
उनकी तलाशी ली गयी, तो उनके पास से 700 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई, जिसकी किमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 1 करोड़ 40 लाख रुपए बतायी जा रही है। पुलिस ने चारो आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। उनकी पहचान विदेशी फंगस उर्फ रोलस उर्फ मुस्तफा लाउड आका (31), जरमैन जेरी आबाह (29), बिहार के मूल रूप से रहने वाले सनी संजय शाहू (34) और दिनानाथ उर्फ टुनटुन रोमनाथ चौहान (33) के रूप में हुई है।
दोनों अफ्रीकी नागरिक नालासोपारा में रहते थे। एक के पास से पासपोर्ट मिला है, जिससे पता चला कि वह दक्षिण अफ्रीका के देश आयवरी कोस्टा के रहने वाले हैं। एक के पासपोर्ट के टुरिस्ट बीजा की अवधी फरवरी में समाप्त हो गयी थी, लेकिन अवैध रूप से भारत में रह रहा था। जबकि उसका दूसरा साथी भी उसी देश का रहने वाला है और पासपोर्ट गुम हो जाने की बात कह रहा है।
ड्रग्स सप्लाई करने वाले गिरोह का मास्टर माइंड मुस्तफा है, तो पहले दक्षिण मुंबई के सेंडर्स रोड इलाके में रहता था और कोकेन की सप्लाई करता था। केंद्रीय जांच एजेंसी एनसीबी और मुंबई पुलिस की कई महीनों से ड्रग्स के खिलाफ चल रही कार्रवाई से अफ्रीका से आने वाली कोकेन का नेटवर्क ब्रेक हो गया है, जिसके बाद वह एमडी ड्रग्स सप्लाई करना शुरू कर दिया है।
दो साल पहले सेंडर्स रोड इलाके में पड़ी बड़ी रेड के दौरान विदेशी नागरिकों ने पुलिस दल पर हमला कार दिया था। उसके बाद से मुस्तफा समेत सारे विदेशी नागरिक मुंबई से बाहर वसई, विरार, नालासोपारा और नवी मुंबई में अपना ठिकाना बना लिया है।
दक्षिण अफ्रीकी नागरिक ड्रग्स सप्लाई के लिए हिंदी सीख रहे हैं और इसके लिए वे भारतीय लड़कियों से शादी कर रहे हैं। क्राइम ब्रांच ने जब मुस्तफा और उसके साथी को पकड़ा, तो उससे पहले वह सनी शाहू से हिंदी में बात कर रहा था, लेकिन जैसे ही क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आया, तो वह कहने लगा जबकि उसके साथ पकड़े गए शाहू ने बताया कि वह अच्छी हिंदी बोलता है।





Users Today : 3
Users Yesterday : 7
Users Last 7 days : 61
Users Last 30 days : 282
Users This Month : 110
Users This Year : 2892
Total Users : 64099
Views Today : 9
Views Yesterday : 11
Views Last 7 days : 84
Views Last 30 days : 386
Views This Month : 143
Views This Year : 3458
Total views : 99481
Who's Online : 0


