मुंबई : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह से मुंबई में पीएमसी बैंक घोटाला (PMC Bank Scam) मामले में पांच जगहों पर छापेमारी की है। घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में मेहुल ठाकुर और अन्य संबंधित लोगों के यहां ये तलाशी ली गई है। जानकारी के मुताबिक, वित्तीय जांच एजेंसी ने शुक्रवार सुबह ठाकुर से जुड़े तीन स्थानों और चार्टर्ड अकाउंटेंट से जुड़े दो स्थानों पर तलाशी ली। मेहुल ठाकुर वीवा होम्स के मालिक और निदेशक हैं, जो चिरायु समूह का एक हिस्सा है। ईडी को जानकारी मिली थी कि करोड़ों रुपए की राशि एचडीआईएल से विवा ग्रुप ट्रस्ट और कंपनियों को हस्तांतरित की गई थी। जिसे ठाकुर के परिवार के सदस्यों द्वारा नियंत्रित किया जाता है। इस महीने की शुरूआत में, ईडी ने शिवसेना के राज्यसभा सदस्य संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत से इस मामले में पूछताछ की थी।
ईडी के नोटिस के बाद सुर्खियों में आई संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत ने उस लोन को चुका दिया है। इसको लेकर काफी बवाल मचा था और उनके पति संजय राउत को सफाई पेश करनी पड़ी थी। वर्षा राउत ने माधुरी राउत से 55 लाख रुपये दो किस्तों में बतौर फ्रेंडली लोन लिया था। इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें नोटिस देकर पूछताछ भी की थी। ईडी को शक है कि संजय राउत के सहयोगी प्रवीन राउत की पत्नी के खाते से आए हुए यह पैसे पीएमसी बैंक घोटाला मामले से जुड़े हो सकते हैं। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय एक बार फिर से वर्षा राउत को पूछताछ के लिए बुला सकता है। दिसंबर के महीने में वर्षा राउत को ईडी ने पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था।
बीजेपी नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने शिवसेना नेता संजय राउत को घेरते हुए कहा है कि भले ही उनकी पत्नी ने पैसे वापस लौटा दिया हो। लेकिन ईडी के सवालों का जवाब तो देना ही होगा। ईडी अब यह जानना चाहती है कि संजय राउत और प्रवीण राउत के बीच में क्या संबंध है? संजय राउत और एचडीआईएल के बीच में भी कोई संबंध है क्या? क्या यह पैसे पीएमसी बैंक घोटाला मामले से जुड़े हुए हैं? ऐसे कई सवाल हैं जिनके जवाब ईडी वर्षा राउत से जानना चाहती है। इस बारे में ईडी जरूर पूछताछ करेगी। आखिर पीएमसी बैंक घोटाला के पैसे संजय राउत की पत्नी के अकाउंट में कैसे आए यह सब जांच का विषय है।
सोमवार तीन घंटे से ज्यादा चली पूछताछ के बाद संजय राउत (Shivsena leader Sanjay Raut) की पत्नी वर्षा राउत ईडी दफ्तर से घर के लिए निकली थीं। सोमवार दोपहर तकरीबन 3:15 बजे वर्षा राउत ईडी कार्यालय पहुंची थीं। वर्षा राउत अपने साथ कुछ दस्तावेज भी लेकर आई थीं। इस दौरान उन्होंने मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया. वही संजय राउत ने कहा कि हमने समय-समय पर प्रवर्तन निदेशालय का सहयोग किया है और आगे भी करेंगे। मुझे वर्षा के साथ जाने की जरूरत नहीं है, वह वर्षा संजय राउत हैं।
वर्षा राउत अचानक सोमवार दोपहर ईडी दफ्तर पहुंची। हैरत की बात यह है कि वर्षा एक दिन पहले ही ईडी कार्यालय पहुंच गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने वर्षा राउत को 5 जनवरी को ईडी कार्यालय पर बुलाया था। आपको बता दें कि वर्षा राउत से ईडी 55 लाख रुपये के उस ट्रांजैक्शन के बारे में पूछताछ करना चाहती है। जो माधुरी राउत के अकाउंट से वर्षा राउत के अकाउंट में भेजे गए थे। ये रुपए दो किस्तों में वर्षा राउत को मिले थे।
जानकारी के मुताबिक वर्षा राउत ईडी से सोमवार दोपहर 3 बजे आने की इजाजत मांगी थी। जिसे प्रवर्तन निदेशालय ने मंजूर कर लिया था। वर्षा राउत अपने साथ कुछ दस्तावेज लेकर भी आई है। मीडिया के कैमरों से बचने के लिए वर्षा राउत सोमवार को ही ईडी दफ्तर पहुंच गईं।
आपको बता दें कि हाल में प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमसी बैंक घोटाला मामले में संजय राउत के करीबी माने जाने वाले प्रवीण राउत की तकरीबन 72 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क किया है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह खुलासा भी किया कि संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत, प्रवीण राउत की कंस्ट्रक्शन कंपनी ‘अवनी’ में भी पार्टनर हैं। इसके पहले ईडी ने वर्षा राउत को 29 दिसंबर को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था। लेकिन वर्षा राउत ने अतिरिक्त समय की मांग करते हुए 5 जनवरी को पूछताछ के लिए आने की बात कही थी ।
प्रवर्तन निदेशालय की जांच में यह भी पता चला है कि जो पैसे माधुरी राउत के अकाउंट से वर्षा राउत को दिए गए थे, वह फ्रेंडली लोन के तौर पर दिए गए थे। लेकिन खास बात यह है कि प्रवीण राउत ने अपनी पत्नी माधुरी राउत के अकाउंट में एक करोड़ 60 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे।
यहीं से इस अपराध की शुरुआत हुई थी। वर्षा राउत को यह पैसे दो किश्तों में मिले थे। पहली बार 50 लाख रुपये 23 दिसंबर 2010 को ट्रांसफर किए गए थे, जबकि पांच लाख रुपये 15 मार्च 2011 को भेजे गए थे। इन पैसों की मदद से दादर पूर्व में एक फ्लैट को खरीदा गया था। ईडी के मुताबिक प्रवीण राउत ने तकरीबन 95 करोड़ रुपये का घोटाला एचडीआईएल की मदद से किया है। प्रवीण ने गैर कानूनी तरीके से लोन के बहाने इन पैसों को साजिश के तहत गबन किया गया है। जिसमें कई लोग शामिल हैं।





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