मुंबई. देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी को धमकी मामले की जांच अब महाराष्ट्र एंटी टेरर स्क्वायड (एटीएस) की तरफ से की जाएगी. पहले केवल मनसुख हिरेन की मौत की जांच ही महाराष्ट्र एटीएस को सौंपी गई थी. अब इन दोनों ही मामलों की जांच राज्य एटीएस करेगी. अंबानी के घर के पास पिछले दिनों एक स्कॉर्पियो बरामद हुई थी, जिसमें जिलेटिन की छड़ें थीं. इसके बाद शुक्रवार को गाड़ी के मालिक मनसुख हिरेन का शव बरामद हुआ. मनसुख हिरेन मौत मामले की जांच भी महाराष्ट्र सरकार ने एटीएस को सौंप दी है. इधर, मनसुख हिरेन की आज पोस्टमार्टम रिपोर्ट आज आएगी, जिससे यह पता चल पाएगा कि आखिर किस तरह से मौत हुई है.
मनसुख हिरेन का पोस्टमार्टम कलवा के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में किया जा रहा है. यहां पर पोस्टमार्टम के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा नही थी. पुलिस के अनुरोध पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जा रही है. पोस्टमार्टम 4 डॉक्टर्स विशेषज्ञों की टीम कर रही है, जिसमें डॉक्टर, पैथोलॉजी डॉक्टर, फोरेंसिक एक्सपर्ट शामिल हैं.
महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि गाड़ी मनसुख की नहीं बल्कि सैम नाम के शख्स की थी. लेकिन पुलिस में गाड़ी चोरी की शिकायत दर्ज कराते वक्त मनसुख ने बताया था कि उसने गाड़ी खरीद ली थी. मनसुख का शुक्रवार को ठाणे में नदी के तट पर शव मिला. पुलिस ने यह जानकारी दी. ठाणे पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लगभग 45 साल का मनसुख गुरुवार को रात को लापता हो गया था. मुंब्रा रेती बुंदर रोड से लगी एक नदी के तट पर उसका शव मिला है.
गौरतलब है कि दक्षिण मुंबई में अंबानी के बहुमंजिला घर ‘एंटीलिया’ के निकट 25 फरवरी को मनसुख की ‘स्कॉर्पियो’ कार के अंदर जिलेटिन की छड़ें रखी हुई मिली थीं. पुलिस ने कहा था कि कार 18 फरवरी को एरोली-मुलुंद ब्रिज से चोरी हुई थी. मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने इस मामले में मनसुख का बयान दर्ज किया था. वाहनों के पुर्जों का कारोबार करने वाले मनसुख ने कहा था कि अपनी कार चोरी होने के बाद उसने पुलिस में शिकायत दी थी.
शुक्रवार दोपहर मनसुख के परिवार के सदस्यों ने ठाणे के नौपाड़ा पुलिस थाने को बताया था कि वह लापता है. महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेन्द्र फड़णवीस ने मुंबई में पत्रकारों से कहा कि मुख्य गवाह की मौत से संकेत मिलता है कि कुछ गड़बड़ है. उन्होंने कहा, ‘मैं एक बार फिर मांग करता हूं कि मामले की जांच एनआईए को सौंपी जाए.





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