मुंबई : देश में कोरोना संक्रमण के मामले एक बार फिर तेजी से बढ़ रहे हैं. वहीं केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए कोविड-19 गाइडलाइन्स को 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया है. गौरतलब है कि टेस्टिंग, ट्रैकिंग और पॉजिटिव मामलों के ट्रीटमेंट पर खास ध्यान देने और वैक्सीनेशन में तेजी लाने के साथ कोविड-19 संबंधी नई गाइडलाइन्स 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक लागू रहेंगी.
वहीं गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी कर दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए कहा, “ देश के कुछ हिस्सों में कोविड -19 मामलों में ताजा वृद्धि को ध्यान में रखते हुए नई गाइडलाइंस राज्य/केंद्रशासित प्रदेश की सरकारों को टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने के लिए बाध्य करते हैं. इसके साथ ही सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों को ये भी सुनिश्चित कराना है कि हर कोई कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करे और सभी लक्षित समूहों को कवर करने के लिए टीकाकरण अभियान को बढ़ाया जाए.” इसके साथ ही ये भी जोर दिया जाता है कि रोजमर्रा की चीजों को दोबारा शुरू करने के लिए महामारी को पूरी तरह से दूर करने के लिए फिक्सड कंट्रोल स्ट्रैटजी का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता है. और MHA या मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों या एसओपी का कड़ाई से पालन किया जाए.
बता दें कि केंद्र की ओर से जारी की गई नई गाइडलाइन के तहत सभी राज्य अपने मुताबिक स्थानीय इलाकों में जरूरी प्रतिबंध लगा सकते हैं. लेकिन कंटेटमेंट जोन के बाहर किसी भी तरह की गतिविधि पर कोई पाबंदी नहीं लगाई जाएगी. नई गाइडलाइंस के मुताबिक जिन राज्यों में आरटी-पीसीआर जांच का रेश्यो कम है, उन्हें तेजी से बढ़ाकर 70 प्रतिशत या उससे ज्यादा करना होगा.
इसके साथ ही नई गाइडलाइन्स में ये भी कहा गया है कि कंटेमेंट जोन की जानकारी जिला कलेक्टर की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी. इतना ही नहीं पब्लिक प्लेस पर एसओपी (SOP) का सख्ती से पालन कराना अनिवार्य किया जाएगा.





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