मुंबई : एंटीलिया मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) (NIA) ने गुरुवार को महाराष्ट्र पुलिस से निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाझे को विशेष एनआईए अदालत में पेश किया। जहां अदालत ने वाझे की तीन अप्रैल तक हिरासत बढ़ा दी। वाझे ने अदालत में कहा कि उसे बलि का बकरा बनाया जा रहा हैं।
एनआईए ने वाझे के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) की धाराएं लगाई गई हैं। एनआईए ने बुधवार को विशेष एनआईए अदालत को इस मामले में यूएपीए की धाराएं जोड़ने की जानकारी देते हुए अर्जी दाखिल की थी। सूत्रों कि माने तो, वाजे पर यूएपीपीए की धारा 16 और 18 के तहत आरोप लगाए गए हैं। वाझे को आज विशेष एनआईए अदालत के सामने पेश किया गया था। यहां अदालत में सुनवाई के दौरान वाझे ने कहा, मुझे बलि का बकरा बनाया गया है और मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।
वाझे ने आगे कहा, मैं डेढ़ दिन तक मामले का जांच अधिकारी रहा और अपनी क्षमता के हिसाब से जो कर सकता था, मैंने किया। लेकिन अचानक से योजना में कहीं कोई बदलाव हो गया। मैं खुद ही एनआईए दफ्तर गया था और मुझे गिरफ्तार कर लिया गया। उसने आगे कहा कि, उन्होंने कोई अपराध कबूल नहीं किया है। एनआईए के वकील अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल अनिल सिंह ने अदालत से कहा कि यह जानकर सभी स्तब्ध हैं कि अपराध में एक पुलिसकर्मी शामिल है। हालांकि अदालत ने वाझे की एनआईए हिरासत तीन अप्रैल तक बढ़ा दी।
गौरतलब है कि मुकेश अंबानी के घर के बाहर 25 फरवरी को जिलेटिन की छड़ों से भरी कार मिलने के मामले में एनआईए ने वाजे को गिरफ्तार किया था। वहीं एनआईए मनसुख हिरेन मौत के मामले की भी जांच कर रही है। ठाणे की एक अदालत ने बुधवार को महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते को हिरेन की मौत के मामले की जांच को रोकने और मामले से संबंधित रिकॉर्ड तत्काल एनआईए को सौंपने का निर्देश दिया है।
पांच मार्च को मनसुख हिरेन की लाश ठाणे के क्रीक स्थित एक नाले में मिली थी। पुलिस को हिरेन के मुँह में ठुसे पांच रुमाल भी मिले। जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 20 मार्च को इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी थी। साथ ही एटीएस भी इस मामले की जांच कर रहा था। इस मामले में एटीएस ने पिछले हफ्ते दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जिन्हें बुधवार शाम को एनआईए ने हिरासत में ले लिया। एक अधिकारी ने बताया कि एनआईए ने दोनों निलंबित पुलिसकर्मी विनायक शिंदे और क्रिकेट सटोरिया नरेश गौड़ को हिरासत में लिया। वहीं एटीएस ने दो दिन पहले दावा किया था कि उसने हिरेन की मौत का मामला सुलझा लिया है। एनआईए ने सचिन वाझे को (केस आरसी संख्या 01/2021/NIA/MUM) को आईपीसी की धारा 286, 465, 473, 506(2),120 B और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4(a) (b) (I) के तहत गिरफ्तार किया गया है।
महाविकास आघाड़ी में खटपट, संजय राउत के बयानों से बढ़ रही कांग्रेस में नाराजगी
मुंबई : उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास स्कार्पियो गाड़ी में विस्फोटक रखने, सचिन वझे की गिरफ्तारी, मनसुख हिरेन की हत्या, गृहमंत्री अनिल देशमुख पर हर माह 100 करोड़ रुपये जुटाने का आरोप जैसे अनेक मामलों को लेकर जहां विपक्ष आक्रामक है। वहीं सत्तारूढ़ महाविकास आघाड़ी दलों के बीच खटपट शुरु हो गई है। शिवसेना, एनसीपी (NCP) और कांग्रेस के लोग भले ही यह दावा कर रहे हैं कि सरकार मजबूत है और पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करेगी। लेकिन सच्चाई यह है कि आघाड़ी में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है।
शिवसेना नेता और सांसद संजय राउत के बोल ने कांग्रेस को नाराज कर दिया है। शिवसेना के एनसीपी प्रेम की वजह से कांग्रेस की नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले , प्रवक्ता सचिन सावंत और वरिष्ठ नेता मुजफ्फर हुसैन ने अपनी नाराजगी खुल कर जताई है। शिवसेना के नेताओं को भी अधिक तवज्जो नहीं मिल रही है। सरकार के निर्णयों में युवासेना के पदाधिकारियों की चलने से वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी है, लेकिन कोई खुल कर बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
शिवसेना नेता संजय राउत ने एक बार फिर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार को यूपीए अध्यक्ष बनाए जाने की मांग की है। जिस पर कांग्रेस के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि कई प्रादेशिक पार्टियों की मांग है कि यूपीए का अध्यक्ष कांग्रेस के बाहर का व्यक्ति हो। इस समय यूपीए विकट परिस्थिति में है। उसकी ताकत कम हो गयी है, अब जरुरत है कि यूपीए का नेतृत्व एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के हाथों में दे दी जाय।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा है कि संजय राउत को विषय को छोड़ कर बात नहीं करनी चाहिए। कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा है कि शिवसेना पहले यूपीए में आए, फिर अध्यक्ष पद के बारे में बोले। उन्होंने संजय राउत को सुनते हुए कहा है कि आप यूपीए अध्यक्ष के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ न कुछ लिखा जाना चाहिए इसलिए उन्हें मांग पर बार-बार बोलना पड़ता है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवई ने जय राउत के यूपीए अध्यक्ष बाबत बयान को हास्यास्पद करार दिया है। उन्होंने कहा है कि हास्यास्पद बयान देना संजय राउत की आदत बन गयी है।और इसी वजह से कई बार उन्हें मुश्किलों का सामना भी करना पड़ता है। शिवसेना यूपीए में नहीं है, फिर यूपीए का अध्यक्ष कौन होगा यह तय करने का अधिकार आप को कौन दे दिया?। दलवाई ने राउत को सलाह देते हुए कहा कि राज्य में तीन दलों की सरकार है, अकारण बयान देकर विवाद को बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है। इसके पहले कांग्रेस मंत्रियों की बैठक हुई थी। उसमें भी सरकार को लेकर नाराजगी जतायी गयी थी। पार्टी की तरफ से अल्टीमेटम देने का प्रयास किया गया था कि यदि परिस्थितियों को संभाला नहीं गया तो कांग्रेस सरकार का हिस्सा नहीं रहेगी।
1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक नई गाइडलाइन्स रहेंगी लागू
देश में कोरोना संक्रमण के मामले एक बार फिर तेजी से बढ़ रहे हैं. वहीं केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए मंगलवार को कोविड-19 गाइडलाइन्स को 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया है. गौरतलब है कि टेस्टिंग, ट्रैकिंग और पॉजिटिव मामलों के ट्रीटमेंट पर खास ध्यान देने और वैक्सीनेशन में तेजी लाने के साथ कोविड-19 संबंधी नई गाइडलाइन्स 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक लागू रहेंगी.
वहीं गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी कर दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए कहा, “ देश के कुछ हिस्सों में कोविड -19 मामलों में ताजा वृद्धि को ध्यान में रखते हुए नई गाइडलाइंस राज्य/केंद्रशासित प्रदेश की सरकारों को टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने के लिए बाध्य करते हैं. इसके साथ ही सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों को ये भी सुनिश्चित कराना है कि हर कोई कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करे और सभी लक्षित समूहों को कवर करने के लिए टीकाकरण अभियान को बढ़ाया जाए.” इसके साथ ही ये भी जोर दिया जाता है कि रोजमर्रा की चीजों को दोबारा शुरू करने के लिए महामारी को पूरी तरह से दूर करने के लिए फिक्सड कंट्रोल स्ट्रैटजी का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता है. और MHA या मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों या एसओपी का कड़ाई से पालन किया जाए.
बता दें कि केंद्र की ओर से जारी की गई नई गाइडलाइन के तहत सभी राज्य अपने मुताबिक स्थानीय इलाकों में जरूरी प्रतिबंध लगा सकते हैं. लेकिन कंटेटमेंट जोन के बाहर किसी भी तरह की गतिविधि पर कोई पाबंदी नहीं लगाई जाएगी. नई गाइडलाइंस के मुताबिक जिन राज्यों में आरटी-पीसीआर जांच का रेश्यो कम है, उन्हें तेजी से बढ़ाकर 70 प्रतिशत या उससे ज्यादा करना होगा.
इसके साथ ही नई गाइडलाइन्स में ये भी कहा गया है कि कंटेमेंट जोन की जानकारी जिला कलेक्टर की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी. इतना ही नहीं पब्लिक प्लेस पर एसओपी (SOP) का सख्ती से पालन कराना अनिवार्य किया जाएगा.
अप्रैल-मई में चरम पर होगी कोरोना की दूसरी लहर, 100 दिन तक रहना होगा सावधान: रिपोर्ट
भारत में फरवरी महीने से लगातार कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं. जिससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि अब कोरोना की दूसरी लहर देश में पहुंच गई है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के रिसर्च टीम की तरफ से तैयार की गई एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. कोरोना की दूसरी लहर लगभग 100 दिनों तक भारत में रहेगी. अगर 15 फरवरी से गणना करें तो मई तक इसका असर बना रहेगा.रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले अप्रैल-मई के महीने में कोरोना की दूसरी लहर चरम पर होगी.
23 मार्च के ट्रेंड को आधार मानकर बात करें, तो देश में दूसरी लहर से तकरीबन 25 लाख से अधिक लोग कोरोना से पीड़ित हो सकते हैं.एसबीआई की तरफ जारी की गई 28 पेज की रिपोर्ट में बताया गया है कि लोकल स्तर पर लॉकडाउन के प्रतिबंधों का कोई असर नहीं होता है. इसलिए मॉस लेवल पर टीकाकरण ही इसका एकमात्र उपाय है.
आर्थिक संकेतकों पर फोकस करते हुए पिछले हफ्ते से ही इंडेक्स में लगातार गिरावट देखी जा रही है. बताया जा रहा है पूरी तरह से कुछ राज्यों में एहतियातन लॉकडाउन जैसे कदम उठाने का असर अगले महीने से दिखाई देने लगेगा. रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर देकर कहा गया है कि राज्यों में टीकाकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है.
अगर वर्तमान समय की रोजना टीकाकरण की गति को 34 लाख से बढ़ाकर 40-45 लाख रोजाना किया जाए तो तीन से चार माह में 45 साल से ऊपर के लोगों को पूरी तरह से वैक्सीनेट किया जा सकता है.आईसीएमआर /(ICMR) के डायरेक्टर जनरल बलराम भार्गव ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर समय से पहले आ गई है. इसलिए हम सबको सचेत रहने की आवश्यकता है. ज्यादा से ज्यादा टेस्ट कराए जाएं, मास्क लगाना आवश्यक है, साथ ही टीकाकरण जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए. रिपोर्ट में कहा गया है कि पंजाब, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल सहित अधिक बुजुर्ग आबादी (60 साल से अधिक) वाले कई राज्यों ने अपनी आबादी का कम प्रतिशत टीकाकरण किया है और अपनी गति में वृद्धि करनी चाहिए.
SBUT परियोजना: अवैध रूप से वक्फ संपत्ति को ध्वस्त कर दिया गया है, मुस्लिम लोग नाराज माहिम दरगाह ट्रस्ट से मांगी मदद ! मुस्लिम नेता मौन क्यों हैं ?
मुंबई : माहिम दरगाह मुंबई के माहिम में स्थित भारत की सबसे पुरानी और प्रसिद्ध दरगाह है | माहिम दरगाह ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री सुहैल खंडवानी ने हमारे संवाददाता को बताया कि क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने उनसे संपर्क किया और उनसे कहा कि वे उनके लिए स्टैंड लें जहां SBUT परियोजना चल रही है |
एसबीयूटी परियोजना पर मुस्लिम लोग नाराज हैं क्योंकि मस्जिद और मुस्लिम स्थान जो कि वक्फ है, स्थानीय शासन प्राधिकरण द्वारा ध्वस्त किया गया है। लोगो का कहना है SBUT WAKF प्रॉपर्टी नहीं खरीद सकते और ख़रीद सकते है | इस मुद्दे में मुस्लिम नेता मौन क्यों हैं? , महाराष्ट्र सरकार को इस परियोजना के खिलाफ जांच का संचालन करना चाहिए और कागजात सरकार द्वारा सत्यापित होने चाहिए |
माहिम दरगाह ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री सुहैल खंडवानी ने कहा कि मैंने सभी मुस्लिम समुदाय के लोगों, मौलाना और अदालत के याचिकाकर्ता के साथ बैठक की थी। माहिम दरगाह एक मंच है, जिसमें वे एक मंच पर 80 प्रतिशत मुस्लिम धार्मिक ट्रस्ट का प्रतिनिधित्व करते हैं। लाइन ऑफ एक्शन का फैसला किया गया है माहिम दरगाह के सह ट्रस्टी और महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड के सदस्य श्री मुदासिर लाम्बे को लीड और फर्म एक्शन लेने की जिम्मेदारी दी गई है |
हमारे रिपोर्टर ने स्थानीय लोगों के साथ बात की, लोगों ने बताया कि एक मस्जिद अभी भी खड़ी है जो सर्वोच्च न्यायालय ने स्टे दिया है फिर बी दुर्भाग्य से बीएमसी कर्मचारिय ध्वस्त करने के लिए आए लेकिन स्थानीय लोगों ने विरोध किया तो बीएमसी वापस चली गई । इसका मतलब यह है कि इस परियोजना को माननीय सर्वोच्च न्यायालय का कोई डर नहीं है स्थानीय कहते हैं । स्थानीय का कहना है कि परियोजना की भारी धनराशि सरकार द्वारा सत्यापित की जानी चाहिए | महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड के सदस्य एनओसी गैरकानूनी रूप से देने के लिए शामिल हैं , महाराष्ट्र शासन द्वारा एक जांच आयोजित की जानी चाहिए SBUT मुस्लिम भावनाओं के साथ खेल रहा है स्थानीय लोगों का कहना है |





Users Today : 4
Users Yesterday : 12
Users Last 7 days : 88
Users Last 30 days : 289
Users This Month : 40
Users This Year : 2822
Total Users : 64029
Views Today : 4
Views Yesterday : 12
Views Last 7 days : 101
Views Last 30 days : 387
Views This Month : 46
Views This Year : 3361
Total views : 99384
Who's Online : 0


