मुंबई, महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार ने 30 अप्रैल तक वीकेंड पर लॉकडाउन लगाने और नाइट कर्फ्यू समेत अन्य पाबंदियों की घोषणा की है। सरकार की घोषणा के बाद शनिवार को लॉकडाउन का पहला दिन था। सड़कों पर सन्नाटा ही सन्नाटा नजर आया।
मध्य रेलवे से रोजाना करीब 45 ट्रेनें उत्तर भारत के लिए छूट रही हैं। रेलवे के आंकड़ों के हिसाब से करीब 60-70 हजार लोग इन ट्रेनों से रोजाना निकल रहे हैं। जमीनी हकीकत कुछ अलग ही है। पिछले दो-तीन दिनों से सोशल मीडिया पर ट्रेन के अंदर की स्थिति और प्लैटफॉर्म पर भीड़ को बयां करने वाले विडियो वायरल हो रहे हैं। हालांकि शनिवार को मुंबई में वीकेंड लॉकडाउन के चलते छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसटी) के पास ट्रेनों का संचालन भी बंद रहा। जिसके चलते रेलवे ट्रैक सुनसान नजर आए।
ताजमहल होटल के सामने जहां आम दिनों में सैकडों लोगों की भीड़ जमा रहती है वहां सुनसान सड़क पर सन्नाटा नजर आया। इधर कोरोना के कारण प्रतिबंधों का सामना कर रहे होटल व छोटे व्यवसायियों को बीएमसी की तरफ से राहत मिलनी चाहिए। कोरोना संकट के कारण जब तक होटल व अन्य व्यवसाय बंद रहते हैं, तब तक बीएमसी को इनसे लाइसेंस फीस नहीं वसूलनी चाहिए। यह कहना है बीएमसी में नेता विपक्ष एवं कांग्रेस नगरसेवक रवि राजा का, जिन्होंने इस संबंध में मेयर किशोरी पेडणेकर व बीएमसी कमिश्नर आईएस चहल को पत्र लिखा है।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री विजय वडेट्टीवार ने कहा कि कोरोना वायरस के मामलों को कंट्रोल करने के लिए राज्य में तीन सप्ताह के लॉकडाउन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संक्रमण के मामलों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी को देखते हुए वीकेंड लॉकडाउन से काम नहीं चलेगा। राहत और पुनर्वास मंत्री ने एक टीवी चैनल से कहा कि संक्रमण रोकने के लिए हम हर मुमकिन कदम उठा रहे हैं लेकिन काफी मजबूत कोविड टास्क फोर्स की भी जरूरत है। हम जल्द ही पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा करने वाले छात्रों समेत पांच लाख डॉक्टर मुहैया करवाएंगे।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि राज्य में कोरोनामरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, अगर स्थिति नहीं सुधरी तो महाराष्ट्र लॉकडाउन की दिशा में आगे बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना पर नियंत्रण पाने के लिए हमने कठोर प्रतिबंध लागू किए हैं और मुझे उम्मीद है कि इनके जरिए हम नियंत्रण पा लेंगे। लेकिन यदि ऐसा नहीं हुआ और स्थिति नहीं सुधरी, मरीजों की संख्या में कमी नहीं आई, चिकित्सा सेवाएं कम पड़ने लगी, तो फिर सरकार को संपूर्ण लॉकडाउन करना ही पड़ेगा। संक्रमण की श्रंखला को तोड़ने और चिकित्सा सेवाओं को सक्षम बनाने के लिए कम से कम 15 दिन या 3 सप्ताह का संपूर्ण लॉकडाउन करना अवश्यसंभावी हो जाएगा।
महाराष्ट्र में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 58,993 नए मामले सामने आए जिसके बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 32,88,540 हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इसके साथ ही महामारी से 301 और मरीजों की मौत हो गई जिससे मृतकों की संख्या 57,329 पर पहुंच गई। पिछले कुछ दिनों से राज्य में संक्रमण के 55,000 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। इस साल सात अप्रैल को एक दिन में सर्वाधिक 59,907 मरीज सामने आए थे। महाराष्ट्र में अब तक 26,95,148 लोग ठीक हो चुके हैं और अभी 5,34,603 मरीज उपचाराधीन हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी एक वक्तव्य में बताया कि 301 में से 158 मौत पिछले 48 घंटे में हुई। वहीं, पुणे शहर में संक्रमण के 5714 और पिंपरी चिंचवड़ में 2,026 नए मामले सामने आए।





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