Home Crime 87 तेंदुओं ने गंवाई जान, सड़क हादसे में 37 मरे

87 तेंदुओं ने गंवाई जान, सड़क हादसे में 37 मरे

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नागपुर, महाराष्ट्र में तेंदुओं को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। यहां आधिकारिक रूप से हर दो दिन में एक तेंदुए की मौत हो रही है। बीते 140 दिनों में राज्य में 87 तेंदुओं की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा चिंता का कारण है कि 87 में सबसे ज्यादा तेंदुएं सड़क दुर्घटना में मारे गए। अगर इसी रफ्तार से तेंदुओं मौतें होती रहीं तो यह प्रजाति दुर्लभ हो जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि 87 तेंदुओं में से 47 प्राकृतिक और 33 सड़क दुर्घटनाओं के कारण मरे। वन विभाग से जुड़े अधिकारियों के लिए सड़क दुर्घटनाएं चिंता का प्रमुख कारण बनी हुई हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दो तेंदुओं का शिकार किया गया, एक को करंट लग गया, जबकि तीन की अज्ञात कारणों से मौत हो गई। हालांकि 5-6 जनवरी 2021 को गोंदिया वन मंडल के गोरेगांव रेंज में दो तेंदुओं का शिकार किया गया। इसके बाद फरवरी महीने में भंडारा में दो तेंदुओं को जहर दिया गया था। इस महीने सड़क अर्जुनी रेंज में एक का शिकार किया गया था। अकेले भंडारा और गोंदिया जिले में कुल मिलाकर पांच तेंदुओं का शिकार हो चुका है।
वन्यजीव कानून प्रवर्तन एनजीओ वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन सोसायटी ऑफ इंडिया (डब्ल्यूपीएसआई) के डेटाबेस के अनुसार, 1 जनवरी, 2021 से महाराष्ट्र में तेंदुए के शरीर के अंगों के अवैध शिकार और जब्ती के नौ मामले दर्ज किए गए हैं।
एनजीओ के निदेशक नितिन देसाई ने बताया कि राज्य में तेंदुओं की अप्राकृतिक मौतों के पीछे सड़क दुर्घटनाएं सबसे बड़ा कारण हैं। सड़कों के चौड़ीकरण और वाहनों की बढ़ती गति के परिणामस्वरूप कई जानवरों की मौत हो रही है। ऐसी मौतों से बचने के लिए बेहतर उपाय किए जाने की जरूरत है। 2020 में, राज्य में 172 तेंदुए की मौत दर्ज की गई। यह 2019 की तुलना में 57 फीसदी ज्यादा थी। 2019 में 110 तेंदुओं की मौत हुई थी।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में राज्य वन्यजीव बोर्ड (एसडब्ल्यूबीएल) की 16वीं बैठक में उपायों का सुझाव देने के लिए विशेषज्ञों और अधिकारियों की एक 11 सदस्यीय टेक्निकल टीम बनाने की घोषणा की थी।
उप वन संरक्षक एम आदर्श रेड्डी ने कहा हम मसौदा रिपोर्ट के साथ तैयार हैं, लेकिन कोविड -19 फैलने के कारण, समिति बैठक करने में असमर्थ थी। हम जल्द ही पीसीसीएफ (वन्यजीव) को मिलेंगे और रिपोर्ट सौंपेंगे।