Home Crime १,३०७ जर्जर इमारतों पर गिरेगी मनपा की गाज

१,३०७ जर्जर इमारतों पर गिरेगी मनपा की गाज

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भिवंडी, मानसून में जर्जर इमारतों में रहना काफी खतरनाक होता है। बारिश के कारण इन इमारतों के गिरने का खतरा रहता है, जिससे लोगों की जानें जाती हैं। इसे देखते हुए मानसून आने से पहले भिवंडी मनपा अलर्ट हो गई है। भिवंडी में इस समय १,३०७ खतरनाक व अतिखतरनाक इमारतें हैं। इनमें कई इमारतों को नोटिस दी गई है और कई की पानी व बिजली काटी गई है।
मनपा आयुक्त डॉ. पंकज आशिया के आदेश पर मनपा प्रशासन द्वारा पिछले २१ मई, २०२१ से पूर्व शहर में ३० वर्ष व उससे अधिक समय की निर्मित अतिधोखादायक और धोखादायक इमारतों का सर्वेक्षण कर उस पर कार्रवाई का संंकेत दिया गया है। इसके लिए मनपा प्रशासन ने इमारतों को तीन ग्रेड में बांटकर बिजली, पानी तक काटने का काम शुरू किया गया है। इसे लेकर जर्जर इमारतों में रहनेवालों में बेघर होने का भय फैल गया है।
बता दें कि भिवंडी मनपा क्षेत्र में कुल १,३०७ इमारतें अतिधोखादायक और धोखादायक पाई गई हैं, जिसमें प्रभाग समिति-१ में ११०, प्रभाग-२ में १९४ प्रभाग-३ में सर्वाधिक ४२१, प्रभाग-४ में २८२ और प्रभाग-५ में कुल ३०० इमारतों का समावेश है। इसमें से ५४१ इमारतें सी-१ कैटेगरी, ४४६ इमारतें सी-२ ए श्रेणी, ३३२ इमारतें सी-२ बी और २४ इमारतें सी-३ श्रेणी की हैं, जिनमें १,२६९ इमारतों को नोटिस देकर उनमें ८७५ इमारतों का पंचनामा किया गया है। साथ ही २२१ इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट हुआ है, जिनमें ८२ इमारतों को मनपा द्वारा मरम्मत की परमीशन दी गई है। ११० इमारतों की बिजली आपूर्ति और १७२ इमारतों की पानी की आपूर्ति खंडित करने के साथ-साथ ६४३ इमारतों का गैस कनेक्शन बंद करने के लिए गैस एजेंसियों को पत्र लिखा गया है। १२ इमारतों पर न्यायालय का स्टे है और २५ इमारतों को मनपा द्वारा ध्वस्त किया गया है। ९९२ इमारतों को खाली कराने के लिए पुलिस प्रशासन को पत्र लिखने के साथ-साथ मनपा प्रशासन द्वारा ४३ इमारतें खाली कराई गई हैं।
इन इमारतों में रहनेवाले कुछ निवासियों ने कुछ सामान्य अवस्था वाली इमारतों को भी खतरनाक घोषित किए जाने के पीछे साजिश का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि एक सोची-समझी साजिश के तहत मनपा अधिकारियों द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से इमारतों को खाली कराकर बिल्डरों को दे दिया जाता है और गगनचुंबी इमारतें खड़ी कर मुनाफा कमाया जाता है। इसके खिलाफ कई लोगों ने कोर्ट की शरण भी ली है।