मुंबई, कोरोना की संभावित तीसरी लहर के खतरे को भांपते हुए राज्य सरकार ने पहले से ही आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी के तहत अब आवश्यक दवाइयों और मेडिकल उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक रखने के साथ ही ग्रामीण अंचलों में भी किसी भी प्रकार की कमी न आने पाए। यह निर्देश मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने संबंधित अधिकारियों को दिया है। मुख्यमंत्री ने सचेत किया है कि नियमों का उल्लंघन करने और भीड़ से कोरोना को आमंत्रण मिल सकता है, लिहाजा इससे पहले ही सावधान रहा जाए।
मुख्यमंत्री ने कल कोरोना टास्क फोर्स के डॉक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक को संबोधित किया। बैठक में टास्क फोर्स के डॉक्टरों ने राज्यभर में सिरो सर्वेक्षण, बड़ी संख्या में टीकाकारण और नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत पर बल दिया। डर व्यक्त किया गया कि यदि नियमों का पालन नहीं हुआ और भीड़ बढ़ती है तो कोरोना की दूसरी लहर से बचते-बचते हम कोरोना की तीसरी लहर के सामने जा पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि पहली लहर के समय हमारे पास सुविधाओं की कमी थी। दूसरी लहर ने हमें बहुत कुछ सिखाया है। अब दूसरी लहर कम हो रही है। पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए आवश्यक दवाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, बेड्स, ऑक्सीजन की उपलब्धता पर ध्यान देना होगा। जानकारी मिली है कि अगस्त-सितंबर से देश को ४२ करोड़ कोरोना टीके मिलेंगे। टीकाकरण इस लड़ाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। फिर भी हमें स्वास्थ्य नियमों का पालन करना, मास्क पहनना और सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है।
तीसरी लहर में बढ़ सकती है मरीजों की संख्या
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर ने बहुत कम समय में रोगियों की संख्या को दोगुना कर दिया। तीसरी लहर की स्थिति में मरीजों की संख्या दोगुनी हो सकती है। पहली लहर में १९ लाख मरीज थे। दूसरी लहर में यह संख्या ४० लाख से ज्यादा तक पहुंच गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने संभावना व्यक्त की है कि सक्रिय मरीजों की संख्या ८ लाख तक पहुंच सकती है, इसमें संक्रमित बच्चों की संख्या लगभग १० प्रतिशत हो सकती है। अधिकारियों ने बताया कि १७ सितंबर, २०२० को पहली लहर में सबसे ज्यादा ३ लाख १ हजार ७५२ मरीज थे। इसके बाद २२ अप्रैल, २०२१ को दूसरी लहर में सबसे ज्यादा मरीजों की संख्या ६ लाख ९९ हजार ८५८ थी। १३ सितंबर, २०२० को सबसे ज्यादा मौत का आंकड़ा ५१७ था। दूसरी लहर में २६ अप्रैल, २०२१ को अधिकतम १,११० लोगों की जान गई। इसी तरह ९ सितंबर, २०२० को साप्ताहिक पॉजीटिविटी सबसे अधिक २३.५३ प्रतिशत था जबकि ८ अप्रैल, २०२१ को दूसरी लहर में साप्ताहिक पॉजीटिविटी २४.९६ प्रतिशत था।





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