मुंबई, हुए फर्जी टीकाकरण मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट की तरफ से केंद्र सरकार को सात दिनों का वक्त दिया गया है.
जानकारी के लिए बता दें कि लोगों का मुंबई में फर्जी टीकाकरण जरूर किया गया था, लेकिन उनका वो रिकॉर्ड भी कोविन ऐप पर रेजिस्टर किया गया था. ऐसे में जब तक वो पुराना रिकॉर्ड डिलीट नहीं कर दिया जाता, पीड़ितों का दोबारा टीकाकरण नहीं किया जा सकता. इसी वजह से बीएमसी ने मांग की है कि केंद्र उन तमाम पुराने रिकॉर्ड को कैंसिल करे जिससे दोबारा टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू की जा सके. बीएमसी के इसी प्रस्ताव पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्र को सात दिनों का वक्त दिया है.
बताया गया है कि कांदिवली पश्चिम की हीरानंदानी हेरिटेज सोसाइटी में 30 मई को 390 लोग फर्जी टीकाकरण का शिकार हुए थे. उस मामले में जब जांच आगे बढ़ी तब फर्जी टीकाकरण का शिकार हुए लोगों की संख्या बढ़ती गई. इसी वजह से पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट ने बीएमसी को स्पष्ट आदेश दिया था कि तमाम पीड़ितों को जल्द दोबारा वैक्सीन लगाई जाए. उस समय भी बीएमसी ने यही तर्क दिया था कि कोविन से पुराना रिकॉर्ड डिलीट नहीं किया गया है और इस बार भी उन्होंने यही सफाई पेश की है.
अभी के लिए कोर्ट में जानकारी दी गई है कि ‘Haffkine Institute’ को तीस दिनों का अतिरिक्त समय चाहिए. वे अभी भी ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पीड़ितों को आरोपियों द्वारा कौन सा फ्लूड लगाया गया था. इसके लिए Haffkine Institute को केमिकल एनालिसिस करना होगा. वैसे इस केस में पुलिस ने काफी तेज कार्रवाई की है. फर्जी टीकाकरण मामले में पुलिस ने मास्टर माइंड और एक डॉक्टर समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया है कि उन्होंने 2000 से ज्यादा लोगों को फर्जी वैक्सीन लगाई थी.





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