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एक किलो के स्वर्णाभूषण ले उड़े थे लुटेरे, कानून के शिकंजे में फंसे २ स्वर्ण व्यवसायी

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मुंबई, ७७ सोने के कंगनों ने ७ लुटेरों को कारागार में पहुंचा दिया है। स्वर्ण आभूषण के कारखाने में काम करनेवाले एक कर्मचारी की आंखों में धूल झोंककर लुटेरों ने एक किलो सोने के कंगन लूट लिए थे। अंधेरी पुलिस ने इन लुटेरों को मध्यप्रदेश-राजस्थान सीमा से गिरफ्तार किया है। गिरोह में शामिल आरोपी शिकार को घेरकर उनके हाथ से कीमती सामान का बैग, झोला छीन लेते थे और फिर बड़ी सफाई से फरार हो जाते थे। आरोपियों ने करीब २५ दिन पहले पीड़ित के हाथ से ७७ सोने (एक किलो) के कंगन से भरा बैग झटक लिया था।
बता दें कि विरार निवासी पीड़ित दहिसर-पूर्व के पटेल इंडस्ट्रीज स्थित आभूषण निर्माण कारखाने में काम करता था। वह कारखाने में बने गहने दक्षिण मुंबई के जवेरी बाजार सहित अन्य इलाकों में ज्वेलर्स की दुकानों में ऑर्डर के अनुसार पहुंचाता था। १९ जुलाई को पीड़ित रोज की तरह कारखाने से आभूषण जवेरी बाजार व अन्य व्यवसायियों की दुकानों पर पहुंचाने निकला था। अंधेरी में एक ज्वेलर्स में आभूषण पहुंचाने के बाद वह अंधेरी-पूर्व के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे स्थति गुंदवली बस स्टॉप पर जवेरी बाजार जानेवाली बस का इंतजार कर रहा था। उसी समय कुछ लोगों ने उसे घेर लिया। पीड़ित जब तक कुछ समझ पाता, उस भीड़ में शामिल एक शख्स उसके हाथ से आभूषण से भरा बैग छीनकर भीड़ में गुम हो गया। पीड़ित से मिली जानकारी एवं घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेजों की मदद से अंधेरी पुलिस ने जांच की तो वारदात में शामिल कुछ पेशेवर अपराधियों के इस साजिश में शामिल होने का खुलासा हुआ। खबरियों की मदद से पुलिस को पता चला कि वांछित आरोपियों ने चुराया गया माल राजस्थान के जालौर जिले में बेच दिया है और फिलहाल वे महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश के सीमाई इलाके में छिपे हैं। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद आरोपियों की जानकारी जुटाकर धुले चेक नाका क्षेत्र से पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। उन पांच आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का माल खरीदनेवाले दो स्वर्ण व्यवसायियों को राजस्थान के जालौर जिले से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों से २४ लाख २८ हजार ३३८ रुपए के ४७५ ग्राम आभूषण बरामद कर लिए हैं। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें दहिसर-पूर्व स्थित आभूषण फैक्ट्री की जानकारी मिली थी, जिसके बाद उन लोगों ने कारखाने में आने जानेवाले लोगों की रेकी की और जानकारी जुटाकर वारदात को अंजाम दिया था।