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सर्वेक्षण में नायर डेंटल कॉलेज व अस्पताल सरस साबित

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मुंबई, मनपा द्वारा संचालित नायर डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल सालाना लगभग साढ़े तीन लाख मरीजों का इलाज करता है। अपने बेहतर सेवा और गुणवत्ता के चलते यह अस्पताल देशभर में मशहूर है। अस्पताल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कर्मचारी और डॉक्टर दिन-रात मेहनत करते हैं। इसीलिए दो अलग-अलग मीडिया संस्थानों द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में नायर डेंटल कॉलेज व अस्पताल सरस साबित हुआ है। इसे टॉप ५ में जगह मिली है। ‘आउटलुक’ ने नायर डेंटल कॉलेज को देशभर के सार्वजनिक क्षेत्र के डेंटल कॉलेजों में तीसरा स्थान दिया है। तो ‘द वीक’ ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के डेंटल कॉलेजों की सूची में नायर को ५वां स्थान दिया है। इससे एक बार फिर मुंबई मनपा का डंका देश में बजा है।
मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल एवं अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकाणी ने नायर डेंटल कॉलेज के सभी कर्मचारियों को बधाई दी है और उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। नायर डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल की अधीक्षक डॉ. नीलम अंद्राडे ने कहा कि कोरोना काल में भी अस्पताल में डेंटल सेवा कार्य जारी था।
नायर डेंटल कॉलेज व अस्पताल में जहां स्वतंत्र और हाईटेक ऑपरेशन थियेटर है। वहीं ये देश में एकमात्र ऐसा अस्पताल है, जहां डेंटल मरीजों के लिए २४ घंटे इमरजेंसी वॉर्ड है।
देशभर के सरकारी और निजी क्षेत्र के डेंटल कॉलेजों के शैक्षणिक गुणवत्ता सहित विभिन्न स्तरों पर हुए मूल्यांकन के बाद नायर को सर्वश्रेष्ठ डेंटल कॉलेजों एवं अस्पताल की सूची में शामिल किया गया है। इस सर्वेक्षण के लिए देश में डेंटल कॉलेजों की व्यापक जानकारी, उपलब्धि, बुनियादी ढांचा, शैक्षणिक सुविधाएं और उनकी गुणवत्ता, शिक्षा में विविधता, संस्थान द्वारा आयोजित गतिविधियां, शोध, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित शोध प्रबंध और निबंध, जनसेवा आदि का मूल्यांकन किया गया है।
मनपा के नायर डेंटल कॉलेज और अस्पताल की स्थापना वर्ष १९३३ में हुई थी। १८ दिसंबर को ८८ साल पूरा कर चुका नायर देश का दूसरा सबसे पुराना डेंटल अस्पताल और कॉलेज है। हर साल करीब साढ़े तीन लाख मरीजों को चिकित्सा सेवाएं मुहैया करानेवाले इस अस्पताल में नौ ‘सुपरस्पेशलिटी’ विभाग हैं। यहां १८७ डेंटल चेयर और गंभीर मरीजों के लिए २० बेड है। इस कॉलेज में ३५० विद्यार्थियों को शिक्षा दी जाती है। बैचलर डेंटल कोर्स के लिए ७५ सीटें हैं और स्नातकोत्तर डेंटल कोर्स के लिए २५ सीटें हैं। यहां कुल ५७ अध्यापक हैं।