मुंबई : दुनिया में रोजाना कत्ल या खुदकुशी की सैकड़ों घटनाएं होती होंगी। ज्यादातर मामलों में जर, जोरू या जायदाद ही इनकी वजह होते हैं, लेकिन कई बार कातिल और वजह रहस्य ही रह जाते हैं। ऐसी ही दो रहस्यमयी हत्याओं का खुलासा इन दिनों एक खुदकुशी की घटना से हुआ है। इन दो हत्याओं और एक खुदकुशी की घटना में एक चीज आम थी, एक .३२ बोर की पिस्तौल।
मेरठ जिले के नौचंदी स्थित शास्त्री नगर निवासी सपा नेता हाजी फतेहयाब के बेटे सलीम ने शनिवार को खुदकुशी कर ली। सलीम ने सुसाइड नोट लिखकर अपने मकान की दूसरी मंजिल पर खुद को गोली मार ली थी। .३२ बोर की जिस पिस्तौल से सलीम ने खुद को गोली मारी थी, उसकी जांच के बाद मेरठ पुलिस में हड़कंप मच गया। क्योंकि .३२ बोर की उसी पिस्तौल से दो और लोगों के कत्ल का क्लू पुलिस को मिला है। पुलिस को शक है कि मेरठ में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ‘एआईएमआईएम’ के पार्षद जुबेर अंसारी और मेरठ के ही लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के प्रॉपर्टी डीलर जावेद पहलवान की हत्या इस पिस्तौल से की गई थी।
करीब महीने भर पहले मेरठ जिले में पार्षद जुबेर अंसारी को दिन-दहाड़े गोली मारी गई थी। ४३ वर्षीय जुबेर प्रॉपर्टी डीलिंग भी करता था। शनिवार सुबह १०:४० बजे वह बाहर खड़ी स्कॉर्पियो में बैठने जा रहा था, तभी बाइक से आए दो बदमाशों ने पार्षद पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस सनसनीखेज घटना में हमलावरों ने पिस्टल से पूरी मैगजीन खाली करने के बाद दूसरी मैगजीन भी इस्तेमाल की। जांच में पता चला था कि हमलावर रेकी के बाद हत्या को अंजाम देने पहुंचे थे। उसके बाद फायरिंग करते हुए पुलिस चौकी के सामने से फरार हो गए। हालांकि, तब हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका था। लेकिन सलीम द्वारा खुदकुशी में इस्तेमाल की गई पिस्टल ने पुलिस को हिला दिया। पुलिस को शक है कि यह वही पिस्तौल है, जिससे पार्षद जुबेर को गोली मारी गई थी।
दूसरी घटना में मेरठ के एक अन्य प्रॉपर्टी डीलर जावेद पहलवान की १८ मार्च, २०२० को दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात वाले दिन जावेद अपने पार्टनर इलियास के साथ जमीन देखने स्कूटी से जा रहा था। उसी दौरान बाइक सवार दो लोग उसका पीछा करने लगे। फतेहउल्लापुर रोड पर लोधी चौक स्थित समर गार्डन कॉलोनी क्षेत्र में हमलावरों ने जावेद की स्कूटी को टक्कर मारकर गिराने का प्रयास किया। उस दौरान मौका पाकर इलियास चौधरी फरार हो गया, जबकि जान बचाने के लिए स्कूटी लेकर भाग रहे जावेद पर हमलावर गोली बरसाने लगे। पीछा कर रहे हमलावरों से बचने के लिए जावेद रास्ते में लोधी चौक स्थित एक दुकान में घुस गया। जावेद मदद की गुहार लगा ही रहा था, तभी हमलावर भी वहां पहुंच गए और उसे गोली मार दी थी। वारदात के बाद हमलावर आराम से फरार हो गए। ४-५ गोली लगने के कारण जावेद की मौके पर ही मौत हो गई थी।
जावेद के परिजनों ने हत्या में न्यू इस्लामनगर निवासी प्रॉपर्टी डीलर और भाजपा के कथित नेता आसिफ, उसके साथी जब्बार प्रधान और भूरा पर आरोप लगाया है। जांच में पता चला कि कुछ दिन पहले फतेहउल्लापुर रोड स्थित एक ६०० गज की जमीन पर कब्जे को लेकर आसिफ और जावेद के बीच विवाद हुआ था। वारदात से तीन दिन पहले नूर नगर पुलिया पर जावेद और आसिफ के बीच टकराव हुआ था। वहां जावेद ने आसिफ की कनपटी पर पिस्टल रखकर थप्पड़ मारे थे। इसी विवाद में आसिफ की ओर से जावेद के खिलाफ १० लाख रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए तहरीर थाने में दी थी। पुलिस ने करीब ३ महीने बाद आसिफ को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान आसिफ ने बताया कि जावेद उसकी जमीन पर कब्जा कर रहा था। जब उसने जावेद का विरोध किया तो जावेद ने उसे चांटा मार दिया था। उसी का बदला लेने के लिए उसने जावेद की हत्या की थी।





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