मुंबई, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक केंद्रीय मंत्री के बेटे ने किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर उन्हें रौंद दिया। इस अमानवीय हत्याकांड को लेकर पूरे देश में रोष है। किसानों की हत्या के बाद भी केंद्र सरकार आरोपियों पर कार्रवाई करने से कतरा रही है। कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों की आवाज को बिना सुने ही दबाया जा रहा है। श्रम विरोधी कानून, बड़े पैमाने पर निजीकरण और महंगाई की दलदल में देश की जनता खुद को फंसी हुई महसूस कर रही है। केंद्र सरकार के इस अत्याचार के विरोध में महाविकास आघाड़ी सरकार में शामिल पार्टियों ने आज ‘महाराष्ट्र बंद’ का एलान किया है। इस राज्यव्यापी बंद को शिवसेना ने पूर्ण समर्थन दिया है। कांग्रेस और राकांपा भी पूरी ताकत से इस बंद में शामिल होगी।
देश के अन्नदाताओं का समर्थन करने के लिए पुकारा गया बंद मुंबई, पुणे और संभाजीनगर सहित सभी जगहों पर होगा। सभी दलों से बंद में शामिल होकर किसान, मजदूर विरोधी नीतियों और महंगाई के खिलाफ आवाज उठाने का आग्रह किया गया है। इस बंद में शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा शामिल होंगी। लिहाजा माना जा रहा है कि आज का बंद सफल होगा। बंद के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विभिन्न जगहों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन होगा।
बंद के दौरान मरीजों के साथ आम जनता को कोई असुविधा न हो, इसका ध्यान रखा गया है। आवश्यक सेवाओं को इस बंद से बाहर रखा गया है। इस दौरान अस्पताल, मेडिकल शॉप जैसी आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। बेस्ट बसें चलती रहेंगी। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी से बंद में शामिल होने का आह्वान किया गया है।
आज पुकारे गए राज्यव्यापी बंद को समर्थन देने के लिए शिवसेना से जुड़े संगठनों ने भी आवाज बुलंद की है। भारतीय कामगार सेना, स्थानीय लोकाधिकार समिति महासंघ, महाराष्ट्र वितरक सेना, शिवसेना चित्रपट सेना, महाराष्ट्र वाहतूक सेना, बैंक कर्मचारी सेना महासंघ, मनपा कर्मचारी कामगार सेना सहित शिवसेना से जुड़े सभी संगठन महाराष्ट्र बंद में शामिल होंगे।
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे पूरी ताकत से ‘महाराष्ट्र बंद’ में शामिल हों और बंद को सफल बनाएं। उन्होंने कहा, लखीमपुर कांड के दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग को लेकर बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी के आवास राजभवन के सामने जमा होंगे और मौनव्रत आंदोलन करेंगे।
राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि महाविकास आघाड़ी में शामिल सभी पार्टियों ने ‘महाराष्ट्र बंद’ को समर्थन दिया है। केंद्र की अत्याचारी सरकार किसान विरोधी है। केंद्र सरकार किसानों की कृषि उपज को लूटने के लिए कानून ला रही है। अब केंद्र सरकार किसानों की हत्या कर रही है। यह बंद इन घटनाओं के खिलाफ पुकारा गया है। इस बंद में सभी को भाग लेना चाहिए। यह बंद सफल साबित होगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजस्थान कांग्रेस के नेता सचिन पायलट ने लखीमपुर में किसानों पर की गई हिंसा की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कृषि आय को दोगुना करने का सपना दिखानेवाली भाजपा को देश के किसानों ने नकार दिया है। केंद्र सरकार और भाजपा किसान आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं और वे सफल नहीं होंगे।





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