मुंबई, केंद्रीय लोकसेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण करनेवाले मेधावी उम्मीदवार महाराष्ट्र के हों या किसी अन्य राज्य के लेकिन सभी ने इस देश को अपना परिवार मानकर प्रशासन में अपना करियर बनाने का पैâसला किया है। आपकी कहीं भी तैनाती हो लेकिन भ्रष्टाचार के अंधेरे को खत्म करने की चुनौती आपको स्वीकार करनी होगी। आपकी नियुक्ति देश में कहीं भी हो, अपने सर्वोत्तम कार्य से राज्य ही नहीं देश का नाम बड़ा करने की पूरी कोशिश करें। इन शब्दों में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय लोकसेवा आयोग की परीक्षा में उत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने कल लोकसेवा आयोग २०२० की परीक्षा में सफल हुए विद्यार्थियों को अपने सरकारी आवास ‘वर्षा’ बंगले में सम्मानित किया। समारोह का आयोजन शिव विद्या प्रबोधिनी बालासाहेब ठाकरे आईएएस अकादमी द्वारा किया गया था। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होने के बाद उत्साह से अभिभूत विद्यार्थियों ने कहा कि हमें अगली जिम्मेदारी के लिए प्रेरित किया गया है। इस तरह सम्मानित होना हमारे लिए सौभाग्य की बात है इस मौके पर मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती रश्मि ठाकरे, परिवहन मंत्री अनिल परब, पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत समेत अन्य मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन बालासाहेब ठाकरे अकादमी के विजय कदम ने किया। अकादमी की २१वीं वर्षगांठ पर बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में अधिक से अधिक छात्रों का अकादमी के माध्यम से मार्गदर्शन किया जाए और ध्यान दिया जाए कि वे इस तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं में वैâसे सफल हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हमें अपने माता-पिता और शिक्षकों को कभी नहीं भूलना चाहिए, जिन्होंने हमारी सफलता में प्रमुख भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और प्रशासन के बीच तालमेल नहीं है तो समस्याएं खड़ी होती हैं। मुझे भी प्रशासन का कोई अनुभव नहीं था लेकिन मुख्यमंत्री पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी कंधे पर आने के बाद मैंने भी प्रशासन की कई बातें सीखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सड़कों पर उतरनेवाले राजनेता हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को हां कहना और राजनेताओं को ना कहना सीखना चाहिए। जब मैं मुख्यमंत्री बना तो मैंने स्पष्ट कह दिया था कि मेरे सामने कोई भी गलत फाइल नहीं आनी चाहिए।
आप भाग्यशाली हैं क्योंकि आप एक तरह की परीक्षा देते हैं। आपका साक्षात्कार लेनेवाले चुने हुए विशेषज्ञ होते हैं। हम राजनेताओं को अक्सर अलग-अलग परीक्षाओं का सामना करना पड़ता है। हजारों, लाखों लोग हमें अंक देते रहते हैं और हमारा साक्षात्कार लेते रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बालासाहेब हमेशा कहा करते थे कि आत्मविश्वास हो तो कोई भी चुनौती का मुकाबला कर सकते हैं। विभिन्न संकटों का मुकाबला हम कर रहे हैं। जब वित्त, कानून और व्यवस्था की बात आती है तो विश्वास के साथ इस सबसे बाहर निकलने का रास्ता खोजना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद कोरोना संकट आया लेकिन सरकार और प्रशासन ने मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने में सफलता हासिल की। केंद्रीय लोकसेवा आयोग की परीक्षा में देश में प्रथम क्रमांक हासिल करनेवाले बिहार के शुभम कुमार, अंकिता जैन, यश जुलुका, मुंबई की करिश्मा नायर, मृनाली जोशी, विनायक नरवडे, रजत उभयकर, विनायक महामुनि ने अपने विचार व्यक्त किए।





Users Today : 0
Users Yesterday : 12
Users Last 7 days : 84
Users Last 30 days : 285
Users This Month : 36
Users This Year : 2818
Total Users : 64025
Views Today :
Views Yesterday : 12
Views Last 7 days : 97
Views Last 30 days : 383
Views This Month : 42
Views This Year : 3357
Total views : 99380
Who's Online : 0


