मुंबई, आनेवाले दिनों में मुंबईकरों के लिए मनपा के अस्पताल अब एक नए रूप में नजर आएंगे। वहां स्वास्थ्य प्रबंधन का पैटर्न बदलने जा रहा है। मनपा के दवाखाने अब हाईटेक होने जा रहे हैं। दरअसल, कोविड काल के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ-साथ मनपा अस्पतालों के भार को कम करने पर जोर दिया गया है। इसके तहत अब मुंबई में स्वास्थ्य के लिए माइक्रो प्लान तैयार कर स्वास्थ्य व्यवस्था के पैटर्न में बदलाव किया गया है। बताया गया है कि दवाखानों में विभिन्न ब्लड टेस्टों के साथ अब एक्सरे और डायलिसिस की भी सुविधा मुहैया कराई जाएगी। यह सुविधा उपनगर के प्रभागों में आवश्यकता के अनुसार स्थापित की जाएगी।
‘माझे कुटुंब माझी जवाबदारी’ मुहिम के तहत किए गए सर्वे में मनपा को मुंबई में रहनेवाले सभी व्यक्तियों के स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी हो गई है। इसके तहत जिन क्षेत्रों में डायबिटीज के मरीज अधिक हैं, वहां स्थित दवाखाने में उससे संबंधित इलाज का प्रबंधन किया जाएगा। इसी तरह जिन क्षेत्रों में टीबी के मरीज अधिक हैं, वहां के दवाखानों में बीमारी से संबंधित इलाज और जांच का प्रबंधन किया जाएगा।
मनपा के स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित दवाखानों का विस्तार करते हुए उसे एक से दो मंजिला तक बनाया जाएगा। विस्तारित होनेवाले दवाखानों को केवल प्राथमिक उपचार के लिए सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि यहां एक्सरे और डायलिसिस की भी सुविधाएं मुहैया कराए जाने की कोशिश होगी।
मनपा के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक १५ साल पहले मनपा के मुख्य अस्पतालों के भार को कम करने के लिए उपनगरीय अस्पतालों के विस्तार की शुरुआत की गई। कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था के पांव समझे जानेवाले दवाखानों की क्षमता को बढ़ाने की जरूरत महसूस हुई। साथ ही दवाखानों में विभिन्न सुविधाओं को मुहैया कराए जाने से उपनगरीय अस्पतालों पर पड़नेवाला भार भी कम होगा। इसके चलते स्वास्थ्य व्यवस्था के पैटर्न को बदला गया है।





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