Home Crime साइबर जालसाजों की नई पैंतरेबाजी

साइबर जालसाजों की नई पैंतरेबाजी

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मुंबई। साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बावजूद इसके अपराधी किसी न किसी तरीके से लोगों को शिकार बना ही लेते हैं। ये अपराधी अपने पुराने ट्रेंड को बदलते हुए नई पैंतरेबाजी अपनाई है। ठगी की वारदात को अंजाम देने के लिए कथित तौर पर पुलिस की वर्दी का सहारा लिया जा रहा है। अपराधी पढ़े-लिखे लोगों को फोन कर विदेश में अपराध करने की बात कहते हैं। इसके बाद वेरीफाई करने के नाम पर उनके कागजात का ब्यौरा लेकर घटना को अंजाम देते हैं। इसी तरह की एक घटना की शिकायत मुंबई पुलिस में दर्ज कराई गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक फॉर्मा कंपनी में काम करनेवाला २६ वर्षीय शिकायतकार्ता बोरीवली (प.) का निवासी है। शिकायतकर्ता के मुताबिक ७ अप्रैल को एक महिला ने फोन किया था। महिला ने बताया कि वह दिल्ली पासपोर्ट कार्यालय से बोल रही है और कहा कि उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज होनेवाला है। महिला ने नाम वेरीफाई करने के लिए पीड़ित को अपना आधार कार्ड दिखाने के लिए कहा। इस दौरान उसने नाम, जन्म तारीख और अन्य डिटेल नोट कर लिए। इसके बाद एक व्यक्ति ने वीडियो कॉल पर बताया कि उसके खिलाफ ड्रग्स सप्लाई, मानव तस्करी सहित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले दर्ज हैं। ये अपराध उसने थाईलैंड में किया है। अपनी बातों की पुष्टि करने के लिए जालसाजों ने बाकायदा एक पीडीएफ फाइल भेजी, जिसमें पीड़ित के खिलाफ फर्जी मामला दर्ज किया गया था। वीडियो कॉल पर बात करने वाला कथित तौर पर पुलिस की वर्दी पहने हुए था। एक अन्य अधिकारी ने शिकायतकर्ता को इस मामले से बचाने के लिए तीन लाख रुपए भेजने को कहा। हालांकि ये रुपए ४८ घंटे में वापस करने का भरोसा दिलाया था। चार दिन बाद जब शिकायतकर्ता के रुपए वापस नहीं आए तब बाद ठगी होने का एहसास होने पर पुलिस स्टेशन में महिला सहित तीन जालसाजों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।