मुंबई, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के जिन्न ने महाराष्ट्र की सियासत में फिर तहलका मचा दिया है। ताजा मामला 45 मिनट की लघुफिल्म ‘वाय आई किल्ड गांधी’ (मैंने गांधी को क्यों मारा) का है, जो 30 जनवरी को रिलीज होगी। इस फिल्म में नाथूराम गोडसे की भूमिका एनसीपी सांसद डॉ. अमोल कोल्हे ने निभाई है। इस पर कांग्रेस को आपत्ति है।
कांग्रेस का कहना है कि नाथूराम के महिमामंडन का प्रयास बर्दाश्त नहीं होगा। एनसीपी प्रमुख शरद पवार और प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटिल सांसद अमोल कोल्हे के साथ खडे़ दिख रहे हैं। उनका कहना है कि कलाकार को चरित्र के रूप में ही देखा जाना चाहिए। वैसे भी उन्होंने यह भूमिका 2017 में की थी। तब वे हमारी पार्टी में नहीं थे।
उधर, इसी पार्टी के नेता गृह निर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड का कहना है कि कोल्हे को नाथूराम गोडसे की भूमिका नहीं निभानी चाहिए थी। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि अमोल कोल्हे ने कलाकार के रूप में अपनी स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया है। उनका नाथूराम के चरित्र का महिमामंडन करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उधर, अमोल कोल्हे ने कहा कि रील और रियल लाइफ के बीच रेखा खींचने की जरूरत है। एक कलाकार के रूप में कुछ भूमिकाएं चुनौतीपूर्ण होती हैं। भले वे चरित्र की विचारधारा से सहमत नहीं हों।
अभिनेता से नेता बने अमोल कोल्हे टीवी सीरियल में छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमिका निभाने की वजह से खासे लोकप्रिय हुए थे। शरद पवार के साथ आने से पहले वे साल 2014 के चुनाव में शिवसेना के स्टार प्रचारक थे। वर्ष 2017 में वे शिवसेना छोड़कर एनसीपी में शामिल हो गए। पार्टी की टिकट पर वे शिरूर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।





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