मुंबई: मुंबई में 12 से 14 साल के बच्चों के टीकाकरण अभियान को शुरू हुए लगभग एक महीना होने जा रहा है। अभी तक सिर्फ 11 फीसद बच्चों का ही टीकाकरण हुआ है। इनका टीकाकरण कम होने की प्रमुख वजह अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति है। इसे दूर करने और टीकाकरण को रफ्तार देने के लिए बीएमसी अब फैमिली डॉक्टरों का सहारा लेने जा रही है। इन फैमिली डॉक्टर के जरिए बीएमसी बच्चों के अभिभावकों को वैक्सीन लेने की सलाह देगी।
मुंबई में 18 प्लस समूह का शत-प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है, लेकिन 12 से 14 साल के बच्चों का टीकाकरण कछुए की रफ्तार से चल रहा है। अब तक इस समूह के बच्चों को वैक्सीन की 44 हजार से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं। बीएमसी की कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मंगला गोमारे ने बताया कि बच्चों का टीकाकरण कम होने की कई वजहें हैं। इनमें से प्रमुख वजह वैक्सीनेशन को लेकर उनके पैरंट्समें बनी शंकाएं हैं। इन्हें दूर करने के लिए अब फैमिली डॉक्टरों का सहारा बीएमसी ले रही है।
डॉ. गोमारे ने बताया कि अभिभावकों को अपने फैमिली डॉक्टर पर सबसे ज्यादा भरोसा रहता है। बच्चे के पैदा होने के बाद से उनके स्वास्थ्य के बारे में अभिभावक अपने फैमिली डॉक्टरों से सलाह लेते रहते हैं। इसलिए इन फैमिली डॉक्टर्स के जरिये अभिभावकों को यह सलाह दी जाएगी कि उनके बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन कितनी जरूरी है। वैक्सीन लेने से बच्चे कोरोना से कितना सुरक्षित रहेंगे। यह भी फैमिली डॉक्टर्स बच्चों के अभिभावकों को बताएंगे।
बीएमसी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में से 70 हजार विद्यार्थी 12 से 14 आयु समूह के हैं। डॉ. गोमारे ने बताया कि बच्चों के टीकाकरण को लेकर शिक्षा विभाग से चर्चा की गई है। शिक्षा विभाग से उन बच्चों की सूची मंगाई गई है, जिन्होंने अब तक वैक्सीन नहीं ली है। इसके अलावा निजी स्कूलों को भी कहा गया है कि वे अपने स्कूलों में पढ़नेवाले बच्चों के अभिभावकों को वैक्सीन के प्रति जागरूक कर बच्चों के टीकाकरण के लिए उन्हें प्रोत्साहित करें।





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