मुंबई, मुंबई पुलिस में खबरियों से सिर दर्द काफी बढ़ गया है. कई बार खबरों की सूचना काम कर जाती है, परंतु यही खबरी पुलिस विभाग को बदनाम भी कर रहे हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ऐसे ब्लाइंड केस सुलझा लेती है जिसमें कई बार कोई सुराग नहीं होता. कई केस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं खबरी. पुलिस के यही खबरी कई बार पुलिस अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग करना शुरू कर देते हैं. पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के नाम पर यह खबरी दो नंबर के धंधे वालों से हफ्ता उगाही करके अय्याशी और महंगे मोबाइल, महंगी गाड़ी आदि में घूमते हैं. दो नंबर के धंधे वाले जैसे बार वाले, लॉज वाले, हुक्का पार्लर वालों से हफ्ता वसूली करते हैं. कई खबरियों के पास प्रेस कार्ड, पुलिस का आईडी कार्ड होता है, जिसके दम पर यह खबरी दो नंबर के धंधे वालों पर रोब जमाते हैं. और अपनी ऊंची पहुंच होने का दम दिखा कर अपना उल्लू सीधा करते हैं. कहीं खबरी तो ऐसे भी हैं जो राजनीतिक पहुंच का रोब जताते हुए राजनीतिक नेताओं का कार्ड इस्तेमाल करते हैं. वही फंस जाते हैं तो यह अधिकारी को फोन करवा कर कहलवा देते हैं कि फला फला अधिकारी के लिए काम करता हूं. पत्रकार संगठन और समाज सेवा के लोग ऐसे खबरियों के खिलाफ पुलिस कमिश्नर, मुख्यमंत्री से इनके कारनामे उजागर कर इनके क्रियाकलापों पर प्रतिबंध लगाने की और इनकी अफवाहें खबरी गिरी को बंद करने की मांग कर रहा है. ताकि यह झूठी खबरें और अफवाहें फैलाकर काले कारनामे न कर सके और इन पर कानून का शिकंजा कसा जा सके. पुलिस के आला अधिकारी खबरिया की चौकशीकर समाज में फैल रही इस बुराई पर अंकुश लगा सकते हैं.





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