मुंबई। समग्र योजना के माध्यम से जिला परिषद के सभी स्कूलों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। इस सर्वेक्षण के दौरान स्कूलों में मिली खामियों को दूर कर राज्य के सभी जिप स्कूलों का सर्वांगीण विकास किया जाएगा। इतना ही नहीं, जिला नियोजन समिति में उपलब्ध होनेवाली निधि में से न्यूनतम पांच फीसदी निधि स्कूल शिक्षा से संबंधित योजनाओं लिए आरक्षित रहेगी, जिसे स्कूल शिक्षा से संबंधित योजनाओं पर ही खर्च किया जाएगा। इस पर मंत्रिमंडल की भी मुहर लग चुकी है। इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में पढ़नेवाले छात्रों को जरूरी सभी सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी।
आरक्षित निधि से स्कूलों का विकास किया जाएगा। इसके माध्यम से जिला परिषद क्षेत्र में स्थित स्कूलों की इमारतें, कक्षाओं के कमरे और शौचालयों की मरम्मत होगी। इसके साथ ही कक्षाओं में आवश्यकतानुसार निर्माण कार्य किए जाएंगे। पेयजल की सुविधा, वाचनालय, शिक्षा से जुड़े संदेश देती दीवारें, छात्राओं के लिए स्वतंत्र कमरे का निर्माण, खेल मैदान की व्यवस्था, सुरक्षा दीवार बनाना, आदर्श स्कूलों में विभिन्न मूलभूत सुविधाओं का निर्माण, विज्ञान व कंप्यूटर प्रयोगशाला, डिजिटल शाला, इंटरनेट-वाईफाई की सुविधा सहित तमाम जरूरी मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध करने में मदद मिलेगी।





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