मुंबई, एनआईए को हिंदुस्थान में आतंक के एक नए हाईटेक नेटवर्क का पता चला है। एनआईए ने बताया कि आतंकी संगठन आईएसआईएस और अलकायदा ने मिलकर भारत में स्लीपर सेल का जाल बिछा लिया है। इस नेटवर्क से जुड़े लोग जब भी आपस में बात करते हैं तो उसके लिए पहले एक मोबाइल ऐप डेवलप करते हैं। बातचीत खत्म होते ही उस ऐप को डिलीट कर दिया जाता है, इसलिए इन्हें ट्रेस करना बड़ी चुनौती बन गई है। ये दोनों बड़े आतंकी संगठन भारत में छोटे-छोटे आतंकी संगठनों को पैसा भेजकर उन्हें अपने नेटवर्क में शामिल कर रहे हैं। ये ग्रुप अलग-अलग राज्यों में पहले से सक्रिय रहे हैं, इसलिए आईएसआईएस और अलकायदा तेजी से स्लीपर सेल तैयार करने में सफल हो चुके हैं। एनआईए ने हाल ही में एक संदिग्ध आतंकी को ट्रेस करने का प्रयास किया था। इसके लिए आतंकी गुटों की सोशल मीडिया चैट को इंटरसेप्ट किया गया। इससे पता चला कि नेटवर्क से जुड़े लोग बात करने के कुछ ही मिनटों में सारे डिजिटल फुटप्रिंट मिटा देते हैं। अगली बातचीत के लिए एक नया ऐप डेवलप करते हैं।
फॉलो करनेवालों को ही बना देते हैं स्लीपर सेल
आईएसआईएस और अलकायदा से जुड़े कुछ लोग देश के बाहर रहकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए मुस्लिम युवाओं को वरगलाने के लिए बार-बार वीडियो संदेश जारी करते हैं। इन वीडियो के जरिए देश और समाज के प्रति नफरत पैदा की जाती है। फिर धीरे-धीरे कट्टरता बढ़ाने वाले वीडियो-संदेश भेजे जाते हैं। इनसे प्रभावित होकर जो युवा कट्टरपंथी बन जाता है, उसे अलग ग्रुप में रखा जाता है। उसके बाद ब्रेनवॉश किया जाता है। जब आतंकी संगठनों को लगता है कि युवा उनके नेटवर्क में जुड़ने के लिए तैयार है तो वे उसे स्लीपर सेल बना लेते हैं। बीते दिनों बिहार में जांच के दौरान गजवा-ए-हिंद नाम से ऐसे ही कई सोशल मीडिया चैट ग्रुप मिले थे। इनका इस्तेमाल युवाओं को जोड़ने के लिए किया गया था।





Users Today : 0
Users Yesterday : 18
Users Last 7 days : 343
Users Last 30 days : 832
Users This Month : 290
Users This Year : 9240
Total Users : 70447
Views Today :
Views Yesterday : 29
Views Last 7 days : 476
Views Last 30 days : 1080
Views This Month : 403
Views This Year : 10440
Total views : 106463
Who's Online : 0


