मुंबई : एनजीटी से मिली जानकारी के अनुसार, जमीन खरीदने के बाद यहां शुरू हुई गतिविधियों से गंभीर दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। जैवविविधता को खतरे के अलावा जल और वायु प्रदूषित हो रही है। अवैध निर्माण, खोदाई, पेड़ों के कटान, अवैध रूप से बनाईं सड़कें, जंगल के इलाके से पानी की आपूर्ति से पर्यावरण को काफी नुकसान हो चुका है।
गुजरात में तैनात एक जीएसटी कमिश्नर और उनके परिवार ने महाराष्ट्र में महाबलेश्वर के पास सतारा जिले के झडानी गांव की पूरी 620 एकड़ जमीन खरीद ली। गांव के लोगों को बताया गया कि यह जमीन सरकार अपनी परियोजना के लिए अधिग्रहीत कर रही है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने स्वत: संज्ञान लिया और प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए डीएम समेत पांच अधिकारियों को नोटिस जारी कर रिपोर्ट देने को कहा है। एनजीटी से मिली जानकारी के अनुसार, जमीन खरीदने के बाद यहां शुरू हुई गतिविधियों से गंभीर दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। जैवविविधता को खतरे के अलावा जल और वायु प्रदूषित हो रही है। अवैध निर्माण, खोदाई, पेड़ों के कटान, अवैध रूप से बनाईं सड़कें, जंगल के इलाके से पानी की आपूर्ति से पर्यावरण को काफी नुकसान हो चुका है।
इनसे मांगा जवाब… एनजीटी ने महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के महाराष्ट्र में क्षेत्रीय अधिकारी, प्रमुख मुख्य वन संरक्षक नागपुर, डीएम सतारा को नोटिस जारी किया है।





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