Home Crime काल साबित हुआ बीवी के बचपन का प्यार

काल साबित हुआ बीवी के बचपन का प्यार

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पुणे, किशोरावस्था से युवावस्था में दाखिल होने की उम्र को बेहद संवेदनशील माना जाता है। इस उम्र में लोग बहुत कुछ जानने को लालायित रहते हैं, खासकर सेक्स के संबंध में और इसी उम्र में किसी भी किशोर या किशोरी के मन में किसी के प्रति पहला आकर्षण पैदा होता है। हालांकि ये आकर्षण शारीरिक ही होता है। लोग इसे बचपन का प्यार या फिर पहला प्यार भी कहते हैं। अक्सर लोग पहला प्यार भूल नहीं पाते हैं। ऐसे ही एक मामले में पुणे के एक कचरा वेचक के लिए उसकी बीवी के बचपन का प्यार काल साबित हुआ।
दो सप्ताह पहले पुणे के चंदन नगर इलाके में एक २६ वर्षीय युवक की किसी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृत युवक की शिनाख्त अजय भिसे (बदला हुआ नाम) के रूप में सामने आई। उक्त युवक कचरे की गाड़ी पर काम करता था लेकिन किसी गैंगस्टर की तरह उसकी गोली मारकर हत्या किए जाने के कारण पुलिस भी हैरान थी। इसमें कोई बड़ा राज छिपे होने की उम्मीद से पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की और करीब ४ दिन की मशक्कत के बाद सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में कामयाब हुई। पुलिसिया जांच में जो कहानी सामने आई उसने सभी को हैरान कर दिया।
में पता चला कि अजय की पत्नी कविता (काल्पनिक नाम) का विवाह से पहले हत्यारों में शामिल संकेत शिंदे (काल्पनिक नाम) नामक युवक के साथ प्रेम संबंध था। मूलरूप से सोलापुर का निवासी संकेत, बिदर के भाल्की इलाके में रहता था। वहीं उसकी कविता से दोस्ती हुई थी। हालांकि विवाह के बाद कविता ने संकेत के साथ अपने प्रेम संबंध खत्म कर लिए थे लेकिन संकेत उसे भूल नहीं पाया। वह कविता को दोबारा पाने के प्रयास करता रहा। रिपोट्र्स के अनुसार कविता के साथ दोबारा संबंध जोड़ने के प्रयासों के दौरान संकेत को लगा कि अजय के रहते ये संभव नहीं है, इसलिए संकेत, अजय को रास्ते से हटाने की योजना बनाने लगा। उसने अपने एक दोस्त संजय बामने (काल्पनिक नाम) की मदद ली और अजय को मौत के घाट उतार दिया।
अजय के कत्ल से पहले संकेत ने महीनों तक कत्ल की योजना बनाई। उसने क्राइम से संबंधित फिल्में, वेब सीरीज और टीवी पर आनेवाले एक लोकप्रिय शो के कई एपिसोड देखे और उन्हीं में से एक एपिसोड में अपराधी द्वारा अपराध से पहले अपनाया गया तरीका उसे पसंद आ गया।
एपिसोड से मिली तरकीब के मुताबिक उसने योजना बनाई। संकेत ने एक पिस्तौल का इंतजाम किया और २१ अगस्त को कर्नाटक से एक स्पोट्र्स बाईक व हेलमेट चुरा कर संजय के साथ पुणे पहुंच गया। रास्ते में सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हुई अपनी छवि को बदलने के लिए उसने पुणे में सबसे पहले अपने कपड़े बदल लिए। लेकिन घटनास्थल व आस-पास परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के दौरान पुलिस को संकेत और संजय का सुराग मिल ही गया। बीते बृहस्पतिवार को पुणे क्राइम ब्रांच की टीम ने कर्नाटक के बिदर जिले से शिंदे को दबोच लिया। जबकि उसका साथी आरोपी संजय को सोलापुर के टेंभुर्णी इलाके में स्थित एक होटल में मैनेजर का काम करता। पुलिस ने उसे वहीं से गिरफ्तार कर लिया।