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भीषण जल संकट, सूखे के हालत से किसान त्रस्त, लोगों में भारी नाराजगी

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मुंबई: महाराष्ट्र के मराठवाडा समेत राज्य के जिलों में लोगों को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी रिपोर्ट है कि संभाजी नगर के डैम में सिर्फ 9.73 प्रतिशत जल बचा है। वहीं राज्य के सभी प्रमुख डैम में सिर्फ 24.03 फीसदी पानी बचा है। लोगों व किसानों को समय से मदद नहीं मिल पाने के कारण भारी नाराजगी है। कई गावों में पानी के लिए भारी गर्मी के बीच कई किलोमीटर का पैदल सफ़र करना पड़ रहा है। हालांकि टैंकरों की मदद से पानी आपूर्ति कर लोगों की मदद करने का प्रयास किया जा रहा है।
डैम व जलाशय में पानी की स्थिति
22 मई के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में कुल दो हजार 994 बांधों 24.03 प्रतिशत जल है। जबकि पिछले साल इसी दिन राज्य के बांधों में 34.36 प्रतिशत जल थे। सबसे कम जल संचय छत्रपति संभाजी नगर में दर्ज की गई है। यहां के कुल 920 बांधों और जलाशय में सिर्फ 9.73 प्रतिशत पानी पानी बचा है।
10 हजार से ज्यादा गांव सूखे की चपेट में
इस साल 10 हजार से ज्यादा गांव सूखे की चपेट में हैं। जबकि मई महीने के दौरान पिछले साल सिर्फ 1,108 गांव सूखे की चपेट में हैं। इससे सूखे के भीषण हालात का जायजा आसानी से लगाया जा सकता है।
3 हजार से ज्यादा टैंकरों की मदद से पानी की आपूर्ति
वर्तमान में करीब 3658 टैंकरों की मदद से पानी की आपूर्ति की जा रही है। इनमें से 1812 टैंकरों का इस्तेमाल मराठवाडा में पानी की आपूर्ति के लिए किया जा रहा है। वहीं छत्रपति संभाजी नगर में 698 टैंकरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
किसानों के फसल हुई बर्बाद
भीषण सूखे की वजह से किसानों के फसल बर्बाद हो गए हैं। सोलापुर में किसानों ने पानी की कमी के कारण अपने केलों के फसल को काट दिया है। राज्य के अन्य जिलों में भी ऐसे ही हालात बने हुए हैं।
आचार संहिता में ढील देने की मांग
राज्य के सीएम एकनाथ शिंदे ने भीषण जल संकट व सूखे की हालात को देखते हुए चुनाव आयोग से आचार संहिता में ढील देने की मांग की है। महाराष्ट्र में लोकसभा की सभी सीटों के चुनाव खत्म हो गए हैं। लेकिन अन्य राज्यों में अभी कुछ चरण के चुनाव से बाकी हैं। हालांकि महाराष्ट्र के हालात को देखते हुए आचार संहिता में ढील देने की मांग की गई है। ताकि जरूरतमंद लोगों की पूरी तरह से मदद की जा सके। ”