मुंबई : बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने मुंबई की उत्तर मध्य लोकसभा सीट पर वोट जिहाद का आरोप लगाया है. वहीं मुंबई में ATS ने चार बांग्लादेशी गैंग का पर्दाफाश किया है, जिन पर फर्जी दस्तावेज बनाकर चुनाव में वोट डालने का आरोप है. आरोप है कि लोकसभा चुनाव में अपने पसंदीदा उम्मीदवार को जीतने के लिए बांग्लादेशियों ने पहले फर्जी डॉक्यूमेंट बनवाए और फिर लोकसभा चुनाव में वोट डाला.
महाराष्ट्र ATS की गिरफ़्त में आए लो उस बांग्लादेशी गिरोह के सदस्य हैं, जिस पर लोकसभा चुनाव में फर्जी दस्तावेज से फ़र्ज़ी वोटिंग का आरोप है. इस शख्स का नाम है रियाज शेख. ये बांग्लादेश का नागरिक है और मुंबई में रहकर ना सिर्फ इसने भारत के दस्तावेज बनवाए, बल्कि लोकसभा चुनाव में इसने वोट भी डाला. मतलब फर्जी दस्तावेज बनाकर इसने भारत में वोट डाला. महाराष्ट्र ATS ने मुंबई से कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया है.
रियाज …पेशे से इलेक्ट्रिशियन है और मुंबई के लोखंडवाला की एक सोसायटी में रहता है. रियाज बांग्लादेश के नोआखाली का रहने वाला है. गिरफ्तार आरोपियों में एक है सुल्तान शेख मंबई के मलाड में रहकर रिक्शा चलाता है. वह भी बांग्लादेश के नोआखाली का रहने वाला है. इब्राहिम शेख कई सालों से माहूम गांव में रहता है और सब्जी बेचने का काम करता है. इब्राहिम भी बांग्लादेश का नागरिक है. फरूख शेख…बांग्लादेश के कबीर हट मोनी नगर का रहने वाला है…लेकिन पहचान छिपाकर मुंबई के जोगेश्वरी में रहता है.
अभी तक ATS ने बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है. अभी भी 5 बांग्लादेशियों की तलाश कर रही है. माना जा रहा है कि ये संख्या और बढ़ सकती है.
संवाददाता मुंबई की लोखंडवाला में उस सोसायटी में पहुंचे. जहां रफीक शेख रहता था और वहां इलेक्ट्रिशियन का काम करता था. सोसायटी के लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि रफीक शेख बांग्लादेश का नागरिक था .
लोकसभा चुनाव में फर्जी दस्तावेज से बांग्लादेशियों की वोटिंग पर ATS ने कारवाई की है. महाराष्ट्र बीजेपी इसकी आशंका पहले से ही जता रही थी. बीजेपी आरोप लगा रही है कि महाराष्ट्र के चुनाव में वोट जिहाद हुआ है. बीजेपी नेता और पूर्व संसद किरीट सोमैया ने बीजेपी के खिलाफ वोट जिहाद की साज़िश का आरोप लगाया है.
मुस्लिम बहुल इलाकों में बना रखा था ठिकाना
मुंबई जैसे महानगरों में बांग्लादेशी घुसपैठिये मुस्लिम बहुल इलाके में रहते हैं. वहां पर प्लंबर-इलेक्ट्रिशियन का काम शुरू कर देते हैं क्योंकि इसमें किसी भी लाइसेंस की जरूरत नहीं होती. कई बांग्लादेशी घुसपैठिए सड़कों पर रेहड़ी लगाकर सामान भी बेचते हैं.
जो बांग्लादेशी घुसपैठिए पकड़े गए हैं. वो पिछले 10-15 सालों से मुंबई में अवैध दस्तावेज के सहारे रह रहे थे. फ़िलहाल महाराष्ट्र एटीएस इनके अन्य साथियों की तलाश कर रही है. ATS ये भी पता करने में लगी है कि आख़िर बांग्लादेशियों द्वारा फ़र्ज़ी मतदान का ये पूरा रैकेट किसको फ़ायदा पहुंचाने के लिए और किसके इशारे पर काम कर रहा था.





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