मुंबई : लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक सीटें हासिल करने वाली समाजवादी पार्टी की नजर अब दूसरे राज्यों में विस्तार पर है। सपा मुखिया अखिलेश यादव इस अभियान को तेज करने में जुट गए हैं। 18 अक्टूबर को अखिलेश मिशन महाराष्ट्र की शुरुआत करेंगे। वह मुस्लिम बहुल मालेगांव में सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। 19 को अखिलेश धुले में भी राजनीतिक आयोजन का हिस्सा बनेंगे। महाराष्ट्र की सपा इकाई कार्यक्रम की तैयारियों में जुट गई है।
सपा के महाराष्ट्र में दो विधायक हैं। शिवाजी नगर से अबू आजमी और भिवंडी पूर्व से रईस शेख ने सपा के टिकट पर चुनाव जीता था। फिलहाल आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सपा ने महाराष्ट्र में अपनी तैयारी भी बढ़ाई है और उम्मीद भी। पिछले दिनों आजमी ने यूपी के सांसदों का सम्मान समारोह आयोजित कर ताकत दिखाने की भी कोशिश की थी।
एक दर्जन से अधिक सीटों पर नजर
सपा महाराष्ट्र में लगभग 30 सीटों पर वोट बैंक होने और अपनी मजबूत तैयारी का दावा कर रही है। पार्टी की कोशिश यही है कि इस बहाने वहां विपक्षी गठबंधन पर दबाव बना सके और कम से कम 10-12 सीटें हासिल कर सके। सपा का महाराष्ट्र में सबसे अच्छा प्रदर्शन 2009 में था, जब उसने 4 सीटें जीती थीं, लेकिन 2014 में उसकी संख्या घटकर एक रह गई। 2019 में दो विधायक जीते थे।
इस बार यूपी में मिली जीत ने सपा की संभावनाओं और उम्मीदों दोनों को विस्तार दिया है। पार्टी को लगता है कि यूपी में मुस्लिम, दलित और पूर्वांचल के वोटों पर फोकस कर आधार बढ़ाया जा सकता है। इन संभावनाओं को दौरे के जरिए तलाशने का प्रयास सपा अध्यक्ष कर सकते हैं।
निशाने पर ओवैसी की भी जमीन
अखिलेश के कार्यक्रम जिस मालेगांव और धुले क्षेत्र में लगे हैं, दोनों ही जगह असदुद्दीन ओवैसी की अगुआई वाली AIMIM की गहरी पैठ है। 2019 के विधानसभा चुनाव में मालेगांव सेंट्रल और धुले सिटी विधानसभा सीट जीतकर AIMIM ने सबको चौंका दिया था। नतीजों का यह भी संदेश था कि महाराष्ट्र के मुस्लिम बहुल क्षेत्र में वोटर वैकल्पिक नेतृत्व की संभावनाएं तलाश रहे हैं। सपा भी अपनी उम्मीदें इसी संभावना से जोड़ रही है।
समाजवादी पार्टी को यूपी में अल्पसंख्यक वोट एकतरफा मिले हैं। महाराष्ट्र में भी कुछ सीटों पर मुस्लिमों में उसकी पैठ है। इसलिए, अखिलेश के आयोजनों के लिए भी ऐसे ही क्षेत्र चुने गए हैं। हालांकि, 2019 में धुले सिटी में सपा उम्मीदवार को महज 800 वोट ही मिले थे।
एक दौरे से कई लक्ष्य पर नजर
सपा मुखिया का महाराष्ट्र का दौरा एक महीने पहले से तय था, लेकिन बदले राजनीतिक हालात में इस एक दौरे से अखिलेश की नजर कई लक्ष्य साधने पर है। महाराष्ट्र में पार्टी गठबंधन में ठीक-ठाक भागीदारी चाहती है। उसमें कई दलों की पहले से मौजूदगी के चलते राह आसान नहीं है। लेकिन, हरियाणा के नतीजों ने कांग्रेस को झटका दिया है और अखिलेश को अपनी दावेदारी पुख्ता करने का मौका।





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