मुंबई : माध्यमिक राज्य बोर्ड की परीक्षाएं 21 फरवरी से शुरू हुईं और पहले दिन परीक्षा शुरू होते ही जालना में पेपर लीक हो गया. सरकार ने नकल और धोखाधड़ी के मामलों को रोकने के लिए कई उपाय किए थे यहां तक कि बहुत बड़े पैमाने पर केंद्रों के बाहर 271 ड्रोन कैमरे और वीडियो रिकॉर्डिंग जैसी मजबूत व्यवस्था करने के बाद भी मराठी का पेपर लीक हो गया. जालना के मंथा इलाके में एक स्कूल के पास एक ज़ेरॉक्स दुकान पर परीक्षा शुरू होने के 15 मिनट बाद उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां वितरित की गईं. जैसे ही यह जानकारी सामने आई, परीक्षा केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और प्रशासन द्वारा आगे की जांच की गई. प्राप्त जानकारी के अनुसार, पेपर लीक की खबर आते ही पूरे शिक्षा जगत, छात्रों और अभिभावकों में हड़कंप मच गया. जिससे पूरे महाराष्ट्र की शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं.
सख्त नियम के बावजूद पेपर हुई लीक
महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष शरद गोसावी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इस साल 16,11,610 छात्र बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे. यह संख्या पिछले साल से 2,165 ज्यादा है. कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाएं 21 फरवरी से शुरू होंगी और 17 मार्च, 2025 को समाप्त होंगी. और इस परीक्षा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 1,80,000 पर्यवेक्षकों, शिक्षकों और कर्मचारियों की आवश्यकता होगी. अध्यक्ष ने पिछले पांच वर्षों में कदाचार के मामले वाले 700 से अधिक परीक्षा केंद्रों में कर्मचारियों में भी फेरबदल किया है, जिसमें केंद्र निदेशक, पर्यवेक्षक और अन्य परीक्षा से संबंधित कर्मचारी शामिल हैं. प्रश्नपत्रों के परिवहन पर जीपीएस ट्रैकर के जरिए नजर रखी जाएगी, इसके बावजूद पेपर लीक हो गया। यहां तक कि इस परीक्षा के लिए केंद्रों के बाहर 271 ड्रोन कैमरे भी तैनात किए गए थे.





Users Today : 1
Users Yesterday : 18
Users Last 7 days : 344
Users Last 30 days : 833
Users This Month : 291
Users This Year : 9241
Total Users : 70448
Views Today : 1
Views Yesterday : 29
Views Last 7 days : 477
Views Last 30 days : 1081
Views This Month : 404
Views This Year : 10441
Total views : 106464
Who's Online : 0


