मुंबई : महाराष्ट्र में फॉर्मासिस्टों के पेशेवर आचरण की निगरानी की जिम्मेदारी निभानेवाली संस्था के शीर्ष पद को लेकर एक चौंकानेवाला और गंभीर मामला सामने आया है। यह पूरा प्रकरण डॉ. वेदप्रकाश तिवारी, एडवोकेट मुंबई हाई कोर्ट द्वारा जनहित में उजागर किया गया है। महाराष्ट्र स्टेट फॉर्मेसी काउंसिल के वर्तमान अध्यक्ष अतुल अहिरे से जुड़े कई मेडिकल स्टोअर्स पर अन्न व औषधि प्रशासन (एफडीए) ने छापा मारकर नियमों के गंभीर उल्लंघन दर्ज किए हैं।
ठाणे में लाइसेंस निलंबन
एफडीए, कोकण विभाग द्वारा २४ दिसंबर २०२५ को पारित आदेश के अनुसार यूनिवर्सल मेडिकल, ठाणे का ड्रग लाइसेंस ३० दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा तैयार की गयी निरीक्षण रिपोर्ट में यह स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है कि डॉक्टर की पर्ची के बिना एवं बिना बिल के वर्गीकृत दवाओं की बिक्री, शेड्यूल एच एवं एच१ दवाओं के नियमों का उल्लंघन, फॉर्मासिस्ट संबंधी अनिवार्य रिकॉर्ड का अभाव, लाइसेंस व केमिस्ट-ड्रगिस्ट फलक का प्रदर्शन नहीं, खरीद–बिक्री बिलों में गंभीर अनियमितताएं, एक्सपायर्ड दवाओं के रख-रखाव में लापरवाही। एफडीए ने इसे जनस्वास्थ्य और सार्वजनिक हित के लिए गंभीर खतरा करार दिया है।
इसी मामले में एफडीए, ग्रेटर मुंबई कार्यालय ने जांच के दौरान उल्लंघन पाए जाने पर निम्न मेडिकल स्टोर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है- आर. एन. मेडिकल गोरेगांव (पश्चिम), रक्षा हेल्थ केयर गोरेगांव (पश्चिम) और वेदांत केमिस्ट गोरेगांव। एफडीए के पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ‘अंतिम कार्रवाई की जानकारी स्वतंत्र रूप से सूचित की जाएगी’।
इस पूरे प्रकरण का सबसे गंभीर और चौंकाने वाला पहलू यह है कि इन चारों फर्मों में फॉर्मासिस्ट पार्टनर एक ही व्यक्ति अतुल अहिरे बताए जा रहे हैं, जो कि महाराष्ट्र स्टेट फॉर्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष हैं और पूरे राज्य में फार्मासिस्टों के पेशेवर आचरण और अनुशासन की जिम्मेदारी निभाते हैं।





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