Home Maharashtra नासिक: आधी रात घर में घुसा तेंदुआ, परिवार ने सूझबूझ से बाहर...

नासिक: आधी रात घर में घुसा तेंदुआ, परिवार ने सूझबूझ से बाहर निकलकर बंद किया दरवाजा

8
0

नासिक: महाराष्ट्र के नासिक जिले के पेठ तालुका स्थित हरनगांव में मंगलवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक तेंदुआ खेत में बने घर के अंदर घुस आया। घटना रात करीब 12:30 बजे की बताई जा रही है। घर में तेंदुए को देखकर परिवार के सदस्य घबरा गए, लेकिन उन्होंने सूझबूझ और संयम दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकलने में सफलता हासिल की। बाहर आने के बाद परिवार ने घर का मुख्य दरवाजा बंद कर दिया, जिससे तेंदुआ अंदर ही फंस गया और किसी बड़ी अनहोनी को टाल दिया गया।
जानकारी के अनुसार, यह घटना सुभाष रघुनाथ भरसत के खेत में बने मकान में हुई। परिवार के सदस्य घर में मौजूद थे, तभी उन्हें बीच वाले कमरे में तेंदुआ दिखाई दिया। जंगली जानवर को इतने करीब देखकर परिवार के सदस्यों में दहशत फैल गई। हालांकि उन्होंने तेंदुए को उकसाने या भगाने की कोशिश करने के बजाय सावधानी से घर से बाहर निकलने का फैसला किया। परिवार ने दिखाई सूझबूझ तेंदुए की मौजूदगी का पता चलते ही सुभाष भरसत और उनके परिवार ने बेहद सावधानी बरती। परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित तरीके से घर से बाहर निकल आए। इसके बाद उन्होंने बाहर से मुख्य दरवाजा बंद कर दिया।
इस कदम से तेंदुआ मकान के अंदर ही रह गया और उसके बाहर निकलकर परिवार या आसपास मौजूद लोगों पर हमला करने का खतरा काफी हद तक टल गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में भी हलचल मच गई। रात के समय तेंदुए के घर में घुसने की खबर तेजी से आसपास फैल गई। लोगों को घटनास्थल से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए कहा गया, ताकि तेंदुआ घबराकर आक्रामक न हो और रेस्क्यू ऑपरेशन में भी किसी तरह की बाधा न आए।
वन विभाग को दी गई सूचना
परिवार के सुरक्षित बाहर आने के बाद घटना की जानकारी वन विभाग को दी गई। सूचना मिलने पर महाजे राउंड के अधिकारी मौके पर पहुंचे। यह क्षेत्र नानाशी रेंज के अंतर्गत आता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नासिक की रेस्क्यू टीम को भी बुलाया गया। रेस्क्यू टीम के पहुंचने के बाद घर के आसपास की स्थिति का जायजा लिया गया। चूंकि तेंदुआ एक बंद मकान के अंदर था, इसलिए ऑपरेशन के दौरान अतिरिक्त सावधानी की जरूरत थी। टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती तेंदुए को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करना और यह सुनिश्चित करना था कि इस दौरान किसी व्यक्ति या जानवर को चोट न पहुंचे।