मुंंबई: लॉकडाउन अब बस नाम का है. शहरों ने रफ़्तार पकड़ ली है. मुंबई की लोकल भी तय शर्तों के साथ आम लोगों के लिए खुल गई है लेकिन मुंबई में कोविड-19 के मामलों में इज़ाफ़ा दिख रहा है, नए स्ट्रेन से ज़्यादा ट्रेन को इसकी वजह के तौर पर देखा जा रहा है. महाराष्ट्र में रोज़ाना 2000 के क़रीब आ रहे मामले अब 3,000 पार आ रहे हैं. मुंबई की लाइफ़लाइन ‘लोकल’ चली और कोविड ने रफ़्तार पकड़ी! बीते दो दिन से मुंबई में कोरोना पॉजिटिव के मामले 500 से ज्यादा देखे जा रहे हैं. पिछले 12 दिनों में तीन बार ऐसा हुआ है. एक फरवरी को सभी के लिए लोकल ट्रेन सेवा शुरू करने के बाद तीन फरवरी को शहर में 503 कोरोना पॉजिटिव केस आए थे. इसके बाद 10 फरवरी को 558 और 11 फरवरी को 510 कोरोना पॉजिटिव केस आए हैं.
जनवरी के आख़िर से संक्रमितों की रोज़ाना संख्या 300-400 के बीच ही बनी हुई थी. हालांकि एक अच्छी बात ये है कि कोरोना से मौत का आंकड़ा पिछले 10 दिनों से लगातार प्रतिदिन पांच से कम बना हुआ. अब तक 11 हज़ार कोरोना योद्धाओं को टीका लगा चुके बीकेसी जंबो कोविड सेंटर के डीन डॉ. राजेश डेरे बताते हैं कि बीते आठ दिनों से उनके सेंटर में भी संक्रमितों की संख्या में इज़ाफ़ा हुआ है. डॉ. जेरे कहते हैं, ‘’बीते आठ दिनों में हमारे बीकेसी जंबो सेंटर में भी थोड़े मामले बढ़े हैं, पर यह बढ़त बहुत छोटी है, लेकिन हाँ, दो-ढाई महीने से मामले कम हुए थे और टीकाकरण अभियान भी ज़ोरशोर से चल रहा है ऐसे में लोगों को शायद लग रहा है की कोरोना से डरने की क्या ज़रूरत! लोगों की लापरवाही भी काफ़ी नज़र आ रही है जिसकी वजह से मामले बढ़ रहे हैं.”
मुंबई का भायखला कोविड जंबो सेंटर में अब तक 3,500 अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को क्वारंटीन किया जा चुका है लेकिन एक भी नया स्ट्रेन का मामला नहीं दिखा, यहां की डीन डॉ.मयुरा फुलपगार मानती हैं कि बढ़े मामलों की वजह स्ट्रेन से ज़्यादा लोकल हो सकती है. उन्होंने कहा, ‘‘’3500 में से अब तक 44 लोगों का RT-PCR पॉज़िटिव आया, हमने कस्तूरबा को रिपोर्ट किया और वहाँ से एनआईवी पुणे भेजा गया लेकिन कोई भी नया स्ट्रेन नहीं मिला है, ओवरॉल पॉज़िटिविटी रेट काफ़ी कम है तो ये बढ़े हुए मामले डोमेस्टिक ही हैं, लोकल या मौसम से ही जुड़े हो सकते हैं.”
घटे मामलों के बीच, मुंबई के कोविड सेंटर्स में 80% से ज़्यादा बेड् ख़ाली पड़े हुए हैं, कुछ छोटे कोविड सेंटर्स तो बंद किए गए लेकिन बड़े या जंबो कोविड सेंटर्स फ़िलहाल चलते रहेंगे. बढ़ रहे मामलों की मॉनिटरिंग जारी है..नेस्को जंबो सेंटर की डीन डॉ. नीलम अंद्राडे कहती हैं, ‘’हमें थोड़ा सावधान रहना है कि अगर वेव आई तो अगले 15 दिन कैसे होंगे, तो सारी तैयारी पहले जैसे रहेगी, कोविड फ़सिलिटी को स्टैंडबाय मोड पर रखा जाएगा, कम से कम मार्च तक उसके बाद तय किया जाएगा कि डिस्मैंटल करना है या रखना है ताकि ज़रूरत पड़ी तो फिर शुरुआत से शुरू ना करना पड़े.”क़रीब 2,000 रोज़ाना नए कोविड मामले देख रहा महाराष्ट्र बीते दो दिनों से 3,000 पार मामले रिपोर्ट कर रहा है. ऐहतियात के तौर पर राज्य ने सर्वाधिक कोविड मामले वाले केरल से आने वाले यात्रियों के लिए RT-PCR जांच को आवश्यक कर दिया है. दिल्ली, गोवा, गुजरात और राजस्थान से आने वाले यात्रियों के लिए पिछले साल नवंबर से ही इस तरह की जांच जरूरी है.





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