मुंबई, भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी हिंदुस्थानी जांच एजेंसियों से बचने के लिए लंदन में भले ही नए-नए हथकंडे अपनाने में कामयाब हो रहा है लेकिन हिंदुस्थान में उसके खिलाफ शिकंजा कसता जा रहा है। देश के प्रमुख बैंक ‘पीएनबी’ को १४ हजार करोड़ रुपए का चूना लगानेवाले नीरव व उसकी बहन के खिलाफ मुंबई की एक विशेष अदालत ने नोटिस जारी कर पूछा है कि उनकी तथा उनकी कंपनियों की संपत्ति क्यों नहीं जब्त की जानी चाहिए?
बता दें कि नीरव मोदी के खिलाफ ब्रिटेन की अदालत में प्रत्यर्पण की कार्रवाई पहले से ही चल रही है। वह हिंदुस्थान आने से बचने के लिए वहां कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। इस बीच मुंबई की विशेष अदालत ने भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम, २०१८ के तहत नीरव मोदी और उसकी बहन पूर्वी मेहता को नोटिस जारी किया है, जो पांच महीने पहले सरकारी गवाह बनी थी। विशेष जज वी.सी. बर्डे ने दोनों को मुंबई में ११ जून को खुद के समक्ष पेश होने का नोटिस दिया है। उन्हें यह भी बताने के लिए कहा गया है कि अदालत को ईडी द्वारा २०१८ की शुरुआत में दायर एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोनों भाई-बहनों और कानून के तहत अन्य समूह की कंपनियों की संपत्तियों को क्यों नहीं जब्त करना चाहिए।





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