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रेलवे स्टेशनों पर पिकअप-ड्रॉप करना पड़ेगा महंगा!

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मुंबई, सीएसएमटी स्टेशन पर १,७५४ वर्ग मीटर और एलटीटी स्टेशन पर ३,१९३ वर्ग मीटर जमीन पार्किंग और एक्सेस कंट्रोल के लिए उपलब्ध होगी। मध्य रेलवे ने इन दोनों पार्किंग प्लॉट के लिए शुरुआती दो महीनों के लिए ४०.७३ लाख रुपए का आरक्षित शुल्क रखा है।
कमाई बढ़ने के लिए रेलवे कुछ न कुछ नए तरीके ढूंढ़ती है। रेलवे की नजर इस बार रेलवे स्टेशनों पर रिश्तेदारों को कार से ड्रॉप करने या पिकअप करने वालों की जेब पर है। जैसा एयरपोर्ट पर होता है, ठीक वैसे ही अब रेलवे स्टेशन पर होगा। स्टेशन पर ५ मिनट से ज्यादा रुके तो आपको शुल्क देना होगा। ऐसा स्टेशनों पर बाहरी वाहनों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए किया जा रहा है ये रेलवे का कहना है।
सेंट्रल रेलवे `पांच मिनट से ज्यादा मुफ्त पार्किंग नहीं’ वाली योजना की शुरुआत सीएसएमटी और एलटीटी स्टेशन से शुरू करनेवाली है। मध्य रेलवे के इन दो बड़े स्टेशनों को मिलाकर रोजाना १०० से ज्यादा ट्रेनें ऑपरेट होती हैं। इन दोनों स्टेशनों पर ही वाहनों के आवागमन के लिए बड़ा पार्किंग एरिया भी है। मध्य रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि जब रोजाना सौ से ज्यादा ट्रेनें ऑपरेट होती हों, तो जाहिर से बात है कि लाखों यात्रियों का आना जाना होता है। ऐसे में प्राइवेट वाहनों की लाइन लग जाती है। इसलिए पांच मिनट तक का वक्त दिया जा रहा है, ताकि भीड़ न हों।
किसी भी शॉपिंग मॉल की तरह इन दोनों स्टेशनों के गेट पर भी बूम बैरियर्स लगेंगे। यहां एक मशीन से जो कार वाले को टिकट इश्यू होगा, उसे दिखाने पर बैरियर्स हटेंगे। दोबारा लौटते वक्त कार वाले ने जितना वक्त स्टेशन में गुजारा है, वो निश्चित रेट के हिसाब से उससे वसूले जाएंगे। यदि ये समय पांच मिनट से कम होता है, तो सुविधा नि:शुल्क होगी।
सूत्रों के अनुसार इस परियोजना के लिए रेपवे ने टेंडर निकाला है और २५ मई तक कोटेशन मिलने का इंतजार है। अधिकारी ने बताया कि रेलवे का पहला उद्देश्य वाहनों की संख्या को नियंत्रित करना ही है। कंट्रोल एंट्री या एग्जिट सिस्टम से पार्किंग मैनेजमेंट सही होगा। पिकअप या ड्रॉप की सुविधा स्टेशन पर चिन्हित किए गए स्थानों पर ही होगी। ऐसा करने से समय का अंदाज भी चलेगा और स्टेशन परिसर में दूसरी गतिविधियों पर भी प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस तरह के वाहनों की आवाजाही के लिए डेडिकेटेड लेन पर भी विचार चल रहा है।
रेलवे की नई योजना के अनुसार शुरुआती ५ मिनट तक कोई शुल्क नहीं होगा। ५ से १५ मिनट तक वाहन वाले को ५० रुपए शुल्क देना होगा। यदि कोई ३० मिनट तक रुकता है, तो २०० रुपए तक शुल्क लिया जाएगा। इस नई योजना के साथ ही पार्किंग शुल्क में भी फेरबदल किए जाएंगे। साइकिल पार्किंग के भी पैसे लिए जाएंगे।