Home Crime मैं मास्टरमाइंड नहीं हूं – सुनील पाटील का सनसनीखेज खुलासा

मैं मास्टरमाइंड नहीं हूं – सुनील पाटील का सनसनीखेज खुलासा

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मुंबई, भाजपा नेता मोहित कंबोज ने आरोप लगाया था कि सुनील पाटील पूरे आर्यन खान मामले का मास्टरमाइंड है। इन आरोपों के बाद वास्तव में सुनील पाटील कौन हैं और उसका इस मामले से क्या संबंध है? इस पर चर्चा शुरू थी। मोहित कंबोज ने यह भी दावा किया था कि सुनील पाटील एनसीपी के संस्थापक सदस्य थे। अब इन सभी आरोपों का जवाब सुनील पाटील ने खुद सामने आकर दिया है। साथ ही उस दिन हुई घटनाओं को भी सामने रखा है। उन्होंने एक चैनल से बात करते हुए इन सभी बातों का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि घटना के दिन मुझे सुबह ८.३० बजे फोन आया कि हमारी डील हो गई है। मैंने ५० लाख रुपए का टोकन लिया है? किरण गोसावी ने मुझे बताया कि इसे कहां रखना है? मैं वाशी में रहता हूं, लेकिन क्या यहां पैसे रखने की जगह है? बस इतना ही प्रभाकर और मैंने बात की। प्रभाकर को पैसे मिल गए, मुझे नहीं पता कि उसने इसे कहां रखा था, ऐसा पाटील ने कहा।
मैं इसका मास्टरमाइंड नहीं हूं। इस मामले का मास्टरमाइंड कोई और है। मैं मनीष के साथ पिछले १०-१२ साल से एक दोस्त के तौर पर संपर्क में हूं। मैं २७ तारीख को कंपनी के काम से मनीष के साथ अमदाबाद गया था।
किरण गोसावी के साथ मैं बदली रैकेट में हूं लेकिन मैं किरण गोसावी को ४ सितंबर से जानता हूं, यानी घटना के कुछ दिन पहले। वह मेरे दोस्त का भाई है। २२ तारीख को किरण गोसावी से मेरी पहली मुलाकात हुई थी। फिर मैं २५-२६ को वापस आया। २७ तारीख को मनीष भानुशाली ने मुझे अमदाबाद जाने को कहा, काम है। उसके बाद हम अमदाबाद चले गए, ऐसा सुनील पाटील ने कहा। इस संबंध में टिप मुझे नहीं थी। मोहित कंबोज ने जो भी आरोप लगाया है, उसे बेबुनियाद बताते हुए पाटील ने कहा कि यह टिप मनीष भानुशाली के पास थी। उसके मित्र धवल भानुशाली और नीरज यादव ने मुझे शाम ४ बजे फोन किया। मनीष भानुशाली और किरण गोसावी, नीरज यादव तब गांधीनगर मंत्रालय गए थे। उन्होंने कहा कि क्रूज पर एक रेव पार्टी होने जा रही है। यदि आपके पास कोई एनसीबी संपर्क में है तो दें। तो मैंने उनसे कहा कि यह मेरा काम नहीं है। वर्ष १९९९ से २०१६ तक राकांपा में था। उसके बाद से राजनीति से दूर हो गया, ऐसा भी पाटील ने कहा।