मुंबई, ‘आरे’ में मेट्रो-३ के लिए कारशेड का निर्माण करके अतिरिक्त जमीन गुप्त मार्ग से व्यावसायिक उपयोग के लिए और कांजुरमार्ग स्थित संपूर्ण वैकल्पिक भूखंड बिल्डरों का निवाला बनाने का नई सरकार का दांव है। इसके लिए विकासकों के साथ दोनों जगह मिलकर करीब एक लाख करोड़ की ‘डील’ होने का गंभीर आरोप आज ‘आरे बचाओ’ समूह द्वारा लगाया गया। परंतु नई सरकार का यह षड्यंत्र सफल नहीं होने देंगे, ऐसा कहते हुए न्यायालय में जाने की चेतावनी भी दी गई है।
महाविकास आघाड़ी की सरकार सत्ता में आते ही ‘आरे’ की जगह मेट्रो-३ कारशेड का प्रस्ताव रद्द करते हुए इस क्षेत्र को वन घोषित कर दिया गया था। इसके अलावा मेट्रो कारशेड के लिए कांजुरमार्ग की जमीन तय की गई थी। इसके बाद यह प्रकरण न्यायालय में भी गया, परंतु नई सरकार ने सत्ता में आते ही पहला निर्णय लेते हुए ‘आरे’ में ही मेट्रो कारशेड होगा, ऐसी घोषणा कर दी। इसके खिलाफ ‘आरे बचाओ’ समूह सहित पर्यावरण संगठन और शिवसेना ने भी जोरदार आंदोलन किया। इस पार्श्वभूमि में ‘आरे बचाओ’ समूह ने कल पत्रकार परिषद का आयोजन किया और नई सरकार की पर्यावरण विरोधी भूमिका तथा बिल्डरों के साथ के षड्यंत्र की जानकारी दी। कांजुरमार्ग की जगह मेट्रो-३ सहित मेट्रो-४, ६ और १४ के कारशेड के लिए उपयोगी सिद्ध होगी, ऐसा इस मौके पर कहा गया। आरे के कारशेड की जमीन तेंदुओं सहित विविध प्रकार के पशुओं, पक्षियों और सरिसृप प्राणियों के लिए ही होने का प्रमाण इस मौके पर पेश किया गया।





Users Today : 50
Users Yesterday : 57
Users Last 7 days : 436
Users Last 30 days : 913
Users This Month : 397
Users This Year : 9347
Total Users : 70554
Views Today : 59
Views Yesterday : 81
Views Last 7 days : 598
Views Last 30 days : 1184
Views This Month : 543
Views This Year : 10580
Total views : 106603
Who's Online : 0


