गोंदिया, गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) भोपाल में MBBS में एडमिशन दिलाने का झांसा देकर एडमिशन गैंग ने महाराष्ट्र के दो स्टूडेंट से 14 लाख रुपए ठग लिए। गैंग के सदस्य छात्रों का भरोसा जीतने के लिए खुद ही जीएमसी के कर्मचारी-अधिकारी बन गए। मंत्रालय, डीन से सेटिंग होने का वादा कर जीएमसी परिसर में 14 लाख रुपए ले लिए। पैसा मिलते ही गैंग ने फोन बंद कर लिया। कोहेफिजा पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
जानकारी के मुताबिक, पाठक कॉलोनी फुलचुर नाका गोंदिया, महाराष्ट्र निवासी मोरेश्वर पुनाजी सोनेवाने टीचर हैं। उन्होंने बताया कि भोपाल निवासी एजेंट संजय शुक्ला से जीएमसी भोपाल में एमबीबीएस में एडमिशन के लिए बात हुई थी। 21 फरवरी 2022 को शुक्ला का फोन आया कि दो बच्चों का सेंट्रल पूल कोटा से एडमिशन हो जाएगा। ऐसे में मोरेश्वर अपनी बेटी जही मोरेश्वर सोनेवाने व अपने दोस्त सुरजलाल रुदाजी चौधरी के बेटे द्रोविन सुरजलाल का बेटे का एडमिशन कराने के लिए राजी हो गए।
जालसाज संजय शुक्ला ने उन्हें बताया कि मंत्रालय और डीन से सेटिंग हो गई है। एक सीट का 30 लाख रुपए देना होगा। गवर्नमेंट कॉलेज की साढ़े चार साल की फीस आपको भरना पडे़गा। दोनों के बीच 20 लाख अभी देने का तय हुआ। उसके बाद 15-15 लाख पडे़गा। 5-5 लाख तीन महीने बाद देने की बात तय हुई। डील होने के बाद शुक्ला ने एडमिशन प्रोसेस के लिए दोनों बच्चों के डाक्यूमेंट 28 फरवरी 2022 तक भेजने के लिए कहा। मोरेश्वर ने वाट्सऐप से डाक्यूमेंट भेज दिए। इसके बाद शुक्ला ने उन्हें 9 मार्च 2022 को गांधी मेडीकल कालेज आने को बुलाया। झांसा दिया कि डीन और नोडल आफिसर के साथ आमने-सामने मिला दूंगा। मोरेश्वर भोपाल पहुंचे।
संजय शुक्ला से जीएमसी गेट पर उनकी मुलाकात हुई। उसके बाद उसने किसी अभिषेक कश्यप को फोन से बुलाया। कश्यप का परिचय शुक्ला ने क्लर्क कम्प्यूटर ऑपरेटर गांधी मेडीकल कालेज के रूप में कराया। कश्यप ने बताया कि डीन मिटिंग के लिए बाहर गयें है। फिर संजय ने अपने ही साथी जालसाज को एडमिनिसट्रेटिव आफिसर कुलदिप सिंह पवार बताकर उनकी आमने-सामने बात कराई। मोरेश्वर ने कुलदीप से आईडी कार्ड दिखाने को कहा तो उसने कहा कि टेबल में रह गया है। फिर कश्यब फिर तीसरा जालसाज नोडल अधिकारी कुलदिप सिंह पवार बनकर आया। वह उन्हें जीएमसी के 5 वें मंजिल पर काउंसलिंग हाल के सामने पोर्च पर ले गया। उसने 14 लाख रुपए नकदी और 1 लाख रुपए की डीडी लिए।
पैसा मिलने के बाद कहा कि हम आपका काम परफेक्ट कर देंगे। 11 मार्च को मॉपअप राउंड को होगा। इसमें रजिस्ट्रेशन करा देंगे। शुक्ला ने कहा कि हमारे पास उपलब्ध सेन्ट्रल पूल कोटा और नोमिनी कोटा के डाक्युमेंट अपलोड कर देंगे। आप बच्चे का फोन नंबर हमे भेज दो उस पर ओटीपी आएगी। 15 मार्च को इलिजिबिलिटी केंडिडेट की लिस्ट आएगी।। 16 मार्च को चाइस फिलिंग हम अपने हिसाब से करेंगे। 21 मार्च कालेज का अलाटमें लेटर मिल जाएगा। इसके बाद मोनेश्वर गोंदिया चले गए। बाद में जब उनके बच्चों के एडमिशन नहीं हुए तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद वह पुलिस में शिकायत करने थाने पहुंचे। पुलिस ने जांच के बाद मामला दर्ज किया।





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